जयपुर, 17 मई। राजस्थान में पेट्रोल पंपों पर आम लोगों के साथ हो रही बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा प्रदेशभर में चलाए गए औचक निरीक्षण अभियान में कई पेट्रोल पंपों पर कम पेट्रोल-डीजल देने का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान 7 जिलों में 25 पेट्रोल पंपों के कुल 43 गड़बड़ नोजल सीज/बंद किए गए।
जांच में पता चला कि कई पेट्रोल पंप हर 5 लीटर ईंधन पर 30 से 60 एमएल तक कम डिलीवरी कर रहे थे। बड़ी मात्रा में बिक्री के चलते उपभोक्ताओं को हर महीने लाखों रुपये का नुकसान हो रहा था।
इन जिलों में हुई कार्रवाई
सिरोही में सबसे बड़ा खुलासा
सिरोही जिले में 7 पेट्रोल पंपों के 9 नोजल बंद किए गए। यहां 40 से 50 एमएल तक शॉर्ट डिलीवरी मिली। विभाग के अनुसार उपभोक्ताओं को हर महीने करीब ₹1.14 लाख की चपत लग रही थी।
अलवर में भी मिली गड़बड़ी
अलवर जिले के सिंघल सर्विस स्टेशन और चौधरी सर्विस स्टेशन के 5 नोजल बंद किए गए। यहां 30 से 60 एमएल तक कम पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा था। विभाग ने करीब ₹91 हजार की अनुमानित हानि बताई है।
नागौर में 11 नोजल जब्त
नागौर जिले में 4 पेट्रोल पंपों के 11 नोजल जब्त किए गए। यहां हर महीने सैकड़ों लीटर कम ईंधन देने का मामला सामने आया।
भीलवाड़ा, सीकर और पाली में भी कार्रवाई
भीलवाड़ा, सीकर और पाली जिलों में भी कई पेट्रोल पंपों पर गड़बड़ी पकड़ाई। विभाग ने कई नोजल बंद कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
उपभोक्ता मामले मंत्री Sumit Godara ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग आगे भी इसी तरह औचक निरीक्षण अभियान चलाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप संचालकों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ता क्या करें?
- पेट्रोल भरवाते समय मीटर जरूर देखें
- 0 से मीटर शुरू करवाएं
- शक होने पर 5 लीटर टेस्ट की मांग करें
- रसीद जरूर लें
