जयपुर/करौली, 1 जुलाई 2026। करौली जिले के पांचना बांध जल विवाद का करीब 20 वर्षों बाद समाधान हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की पहल पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। जयपुर स्थित शिक्षा संकुल में आयोजित बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत तथा गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की मौजूदगी में लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए विवाद समाप्त करने पर सहमति व्यक्त की।
2006 से बंद था नहरों में जल प्रवाह
2100 एमसीएफटी क्षमता वाले पांचना बांध से लगभग 10 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। हालांकि वर्ष 2006 के बाद से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ा नहीं गया था। गुडला क्षेत्र सहित 21 राजस्व गांव लगातार मांग कर रहे थे कि पहले उन्हें लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाए, उसके बाद नहरों में जल प्रवाह शुरू किया जाए।
करीब दो दशक तक यह विवाद बना रहा और समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।
बजट घोषणा से खुला समाधान का रास्ता
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई योजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना और नहरों की मरम्मत के लिए 11.50 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू किया गया, जो अब अंतिम चरण में है।
बैठक में जल संसाधन विभाग ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का भरोसा भी दिलाया।
7 दिन में तय होगी पानी छोड़ने की तारीख
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच और संवाद के कारण दोनों पक्षों में सहमति बन सकी। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोनों पक्षों की जायज मांगों को स्वीकार किया है।
उन्होंने जानकारी दी कि अगले सात दिनों के भीतर विभाग बांध से पानी छोड़ने की तारीख तय करेगा। नहरी तंत्र की तकनीकी जांच और टेस्टिंग के लिए जल्द ही जल प्रवाह शुरू किया जाएगा। साथ ही कमांड क्षेत्र में लिफ्ट सिंचाई तंत्र को और मजबूत करने के लिए भी जल्द कार्य शुरू होगा।
मंत्रियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने राज्य सरकार की पहल का स्वागत करते हुए सभी पक्षों से नहरों में जल्द जल प्रवाह शुरू करने का आग्रह किया।
वहीं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दो दशक पुराने विवाद का समाधान कराने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया और किसानों से आपसी सहयोग एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
अधिकारी और किसान संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग अभय कुमार, एडीजीपी संजीव नार्जरी, शासन सचिव कृष्ण कुणाल, आईजी भरतपुर कैलाश चंद बिश्नोई, संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, मुख्य अभियंता भुवन भास्कर, करौली एवं सवाई माधोपुर के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था और गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इस समझौते को किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया।
