नशा तस्करों पर आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक, अब आरोपी और परिजन नहीं कर सकेंगे संपत्तियों का उपयोग या हस्तांतरण
बारां, 3 जून। राजस्थान पुलिस के नशा विरोधी अभियान के तहत बारां पुलिस ने ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर बिरमचंद लोधा और उसके परिवार की 3.92 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियां फ्रीज कर दी हैं। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत की गई इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ का उद्देश्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी नहीं बल्कि उनकी अवैध कमाई से खड़े किए गए आर्थिक साम्राज्य को भी ध्वस्त करना है।
जांच में सामने आया कि सारथल थाना क्षेत्र के डोकरी खोह निवासी बिरमचंद लोधा और उसके परिजनों ने मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित धन को मकानों, प्लॉटों, वाहनों और बैंक खातों में निवेश किया था। पुलिस ने दो मकान, पांच प्लॉट, दो कारें और एक मोटरसाइकिल सहित करीब 1.60 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की हैं। वहीं बैंक खातों में एक वर्ष के दौरान 2.32 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन भी सामने आए हैं।
सारथल पुलिस द्वारा प्रस्तुत परिवाद पर सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली ने दो माह की सुनवाई के बाद फ्रीजिंग आदेश को वैध ठहराया। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संपत्तियों को विधिवत फ्रीज करने की कार्रवाई की।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बिरमचंद लोधा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तीन गंभीर मामले दर्ज हैं। पूर्व में उसके कब्जे से 250 किलो डोडा चूरा और तस्करी में प्रयुक्त एक कार भी जब्त की जा चुकी है।
पुलिस का कहना है कि आदेश लागू होने के बाद आरोपी और उसके परिवार के सदस्य अब इन संपत्तियों को बेच, हस्तांतरित या उपयोग नहीं कर सकेंगे। बारां पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नशा तस्करों और उनके सहयोगियों की अवैध संपत्तियों पर इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
