अलवर, 16 जुलाई 2026। धानका जनजाति समाज ने सामाजिक कुरीतियों और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने की दिशा में एक प्रेरक पहल की है। समाज के लोगों ने शोक कार्यक्रम को सादगीपूर्ण बनाकर सामाजिक सुधार का संदेश दिया, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।
अलवर शहर के स्कीम नंबर-3 फैमिली लाइन क्षेत्र निवासी जोगेंद्र सिंह धानका के निधन के बाद गुरुवार को गंगा पूजन एवं पगड़ी रस्म का आयोजन किया गया। इस दौरान दिवंगत के पुत्र मंजीत सिंह धानका ने सामाजिक कार्यकर्ताओं की सलाह पर कार्यक्रम में बिना पकवान और मिठाई के सादा भोजन की व्यवस्था कर समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया।
समाज के लोगों ने कहा कि शोक के अवसर पर दिखावे और फिजूल खर्च की बजाय सादगी अपनाना समय की आवश्यकता है। इस तरह की पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अनावश्यक बोझ कम होगा और समाज में समानता तथा सहयोग की भावना मजबूत होगी।
मंजीत सिंह की इस सकारात्मक सोच और समाज सुधार की पहल का धानका जनजाति सकल समाज की ओर से साफा एवं माला पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मौजूद बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताते हुए अन्य परिवारों से भी ऐसे आयोजनों में सादगी अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश बावलिया, हरदयाल धानका, विजय कुमार, किशनलाल, धर्मेंद्र, शम्पी, शंकर, सोनू, धर्मदेव, सुरेश, छोटेलाल, अशोक कुमार, किशोर बावलिया (दिल्ली वाले) सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।
समाज के लोगों ने कहा कि यदि ऐसे सकारात्मक प्रयास लगातार जारी रहे तो सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगेगा और समाज में सादगी, एकता तथा आपसी भाईचारे की भावना और अधिक मजबूत होगी।
