अलवर, 15 जुलाई 2026। अलवर-नारायणपुर रोड स्थित ताल वृक्ष के पास तुलसीवाला गांव में बुधवार दोपहर सरिस्का का एक टाइगर पहुंचने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने गांव के रास्ते पर टाइगर को देखा, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। सूचना मिलते ही सरिस्का प्रशासन की रेस्क्यू टीम, वन अधिकारी और नारायणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।
ग्रामीणों के अनुसार, टाइगर गांव के रास्ते पर दिखाई दिया था। लोगों ने सावधानी बरतते हुए उसे खेतों की ओर मोड़ दिया। इसके बाद टाइगर खेत में बैठ गया, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहा।
ग्रामीणों की मांग- टाइगर को ट्रैंकुलाइज कर सरिस्का भेजा जाए
ग्रामीणों ने वन अधिकारियों से मांग की कि टाइगर को ट्रैंकुलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित सरिस्का जंगल में छोड़ा जाए। उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी टाइगर कई बार गांव में आ चुका है। कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में टाइगर ने चार भैंसों का शिकार किया था।
ग्रामीणों ने बताया कि सरिस्का अधिकारियों का कहना था कि यदि टाइगर स्वयं गांव छोड़कर जंगल की ओर चला जाता है तो उसे ट्रैंकुलाइज करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसी बात को लेकर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच कई घंटों तक सहमति नहीं बन सकी।
ग्रामीणों ने लगाया जाम
टाइगर को तुरंत नहीं हटाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए तुलसीवाला स्टैंड पर सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलने पर नारायणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
नारायणपुर थाना प्रभारी रोहताश ने बताया कि गांव में टाइगर आने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। सरिस्का विभाग की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
टाइगर की पहचान नहीं हो सकी
सरिस्का विभाग की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि गांव में पहुंचा टाइगर कौन-सा है। समाचार लिखे जाने तक टाइगर तुलसीवाला गांव के पास खेत में ही मौजूद था और वन विभाग लगातार उसकी निगरानी कर रहा था।
(अपडेट जारी… टाइगर की स्थिति और वन विभाग की कार्रवाई से जुड़ी नई जानकारी मिलते ही खबर अपडेट की जाएगी।)
