जयपुर, 26 अप्रैल। National Cooperative Spice Fair 2026 का भव्य समापन रविवार को हुआ, जिसमें इस बार 5.50 करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1.25 करोड़ रुपये ज्यादा है, जिससे मेले की बढ़ती लोकप्रियता साफ दिखाई देती है।
दस दिन तक चले इस मेले का आयोजन जवाहर कला केन्द्र में किया गया, जहां देशभर की सहकारी संस्थाओं ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। इस बार मेले में करीब 160 स्टॉल्स लगाए गए, जो अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है।
मेले की खास बातें
इस बार आयोजन कई मायनों में खास रहा। पहली बार उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ट्रॉली व्यवस्था शुरू की गई, वहीं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जेनेरिक दवाओं का स्टॉल भी लगाया गया। इसके अलावा ऑर्गेनिक उत्पाद, श्रीअन्न, ‘एक जिला-एक उत्पाद’ और जीआई टैग उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध रहे।
ग्राम सेवा सहकारी समितियों और कृषक उत्पादक संगठनों की भागीदारी भी इस बार प्रमुख आकर्षण रही, जिससे ग्रामीण उत्पादों को बड़ा मंच मिला।
इन संस्थाओं ने मारी बाजी
बिक्री के मामले में सहकारी संस्थाओं ने शानदार प्रदर्शन किया।
- शीर्ष श्रेणी में कॉनफेड पहले स्थान पर रहा
- तिलम संघ दूसरे और आरसीडीएफ तीसरे स्थान पर रहा
जिला उपभोक्ता भंडारों में कोटा, उदयपुर और बारां ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में मथानिया, बिलाड़ा और नागौर आगे रहे।
उत्कृष्ट प्रदर्शन पर सम्मान
समापन समारोह में श्रेष्ठ स्टॉल्स और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने आयोजन की सफलता पर पूरी टीम की सराहना की और इसे सहकारिता क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
क्यों खास रहा यह मेला?
यह मेला न केवल बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाने में सफल रहा, बल्कि
- सहकारी संस्थाओं को बड़ा बाजार मिला
- स्थानीय और ग्रामीण उत्पादों को पहचान मिली
- उपभोक्ताओं को एक ही जगह विविध उत्पाद उपलब्ध हुए
‘राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026’ ने इस बार बिक्री और भागीदारी दोनों में नया इतिहास बनाया है। यह आयोजन राजस्थान में सहकारिता मॉडल को मजबूत करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम साबित हुआ।
