अलवर, 13 अक्टूबर । नवरात्र के पावन अवसर पर अलवर नगर निगम की मेयर सुमनलता अग्रवाल महिला पार्षद साथियों के साथ करणी माता मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने माता रानी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और अलवर शहर की सुख-समृद्धि, खुशहाली, शांति और निरंतर विकास की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। मेयर और महिला पार्षदों ने माता रानी के चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया तथा शहरवासियों के सुखमय जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शहर का विकास और खुशहाली की कामना
नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की आराधना, शक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इन पावन दिनों में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार, समाज तथा देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। इसी धार्मिक आस्था के साथ अलवर नगर निगम की मेयर सुमनलता अग्रवाल ने महिला पार्षद साथियों के साथ करणी माता मंदिर पहुंचकर दर्शन किए।
इस दौरान उन्होंने माता रानी से अलवर शहर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। उन्होंने शहर के निरंतर विकास और नागरिकों के जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हुए माता रानी का आशीर्वाद लिया।
मेयर सुमनलता अग्रवाल के साथ मौजूद महिला पार्षदों ने भी पूजा-अर्चना की और धार्मिक आस्था के साथ माता रानी के दर्शन किए। नवरात्र के अवसर पर मंदिर में दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

नवरात्र में धार्मिक आस्था और सकारात्मकता का संदेश
नवरात्र भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व रखते हैं। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु माता रानी से परिवार की खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की कामना करते हैं।
करणी माता मंदिर में दर्शन के अवसर पर भी अलवर शहर की उन्नति और नागरिकों की सुख-समृद्धि की कामना की गई। धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करना लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ता है। ऐसे अवसरों पर आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और सकारात्मक सोच का संदेश भी मिलता है।
अलवर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान में मंदिरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लेते हैं। इस दौरान मंदिरों में विशेष उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिलता है।
करणी माता मंदिर क्षेत्र में बाघ की आवाजाही, श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
माता रानी के दर्शन के साथ मेयर सुमनलता अग्रवाल ने करणी माता मंदिर क्षेत्र में बाघ और शावकों की गतिविधियों को देखते हुए श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बाघ की आवाजाही रहती है, इसलिए मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले लोगों को अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे विशेष रूप से रात के समय मंदिर क्षेत्र में जाने से बचें और माता रानी के दर्शन के लिए दिन के उजाले में ही पहुंचें। इसके साथ ही वन विभाग की ओर से निर्धारित नियमों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों की पालना करने की अपील की गई।
वन्यजीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए, ताकि धार्मिक आस्था के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे।
आस्था के साथ प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा भी जरूरी
करणी माता मंदिर क्षेत्र प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण भी महत्वपूर्ण है। ऐसे क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदारी निभाना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। श्रद्धालुओं को वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और किसी भी परिस्थिति में उनके नजदीक जाने या उन्हें परेशान करने से बचना चाहिए।
नवरात्र के इस पावन अवसर पर माता रानी के दर्शन के साथ सुरक्षा और प्रकृति संरक्षण का संदेश भी महत्वपूर्ण है। धार्मिक आस्था के साथ जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर श्रद्धालु स्वयं की सुरक्षा के साथ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने में भी योगदान दे सकते हैं।
इस दौरान पार्षद मीनू बाघला, नेहा मनचंदा,ममता कँवर, किरण कुमार सहित पवन अग्रवाल, अशोक मित्तल, प्रमोद विजय आदि मौजूद रहे।
