बीकानेर, 3 जून। राजस्थान के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि हमारे बुजुर्गों को देश के गौरवशाली इतिहास, वीरों की गाथाओं और राष्ट्रभक्तों के बलिदान की कहानियां नई पीढ़ी तक पहुंचानी चाहिए, ताकि युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का भाव विकसित हो सके।
मंगलवार को बीकानेर जिले के उदयरामसर के मुख्य बाजार में सीआरपीएफ के अमर शहीद हवलदार गजराज सिंह यादव की प्रतिमा के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।
खर्रा ने कहा कि उदयरामसर की पावन धरा में जन्मे शहीद गजराज सिंह यादव ने नक्सलवादियों से संघर्ष करते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों और उनके परिवारों के प्रति समाज को सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए। देश की तीनों सेनाएं और अर्धसैनिक बल विपरीत परिस्थितियों में भी मातृभूमि की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं, जिसके कारण देशवासी सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों की प्रतिमाओं और स्मारकों को लोकदेवताओं के समान सम्मान और श्रद्धा मिलनी चाहिए। अर्धसैनिक बलों के अदम्य साहस और बलिदान के कारण देश में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और उसका लगभग खात्मा हो चुका है।
स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि पहले बुजुर्ग अपने बच्चों को देश की एकता और अस्मिता की रक्षा करने वाले महापुरुषों और वीरों की प्रेरक कहानियां सुनाया करते थे, लेकिन समय के साथ यह परंपरा कमजोर हुई है। इसके कारण नई पीढ़ी देश की आजादी और सुरक्षा के लिए दिए गए बलिदानों से पर्याप्त रूप से परिचित नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से केंद्र सरकार देश के स्वर्णिम इतिहास और वीर जवानों की गौरवगाथा को युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने देश की मातृशक्ति के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं ने भी विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने शहीद गजराज सिंह यादव के परिजनों का सम्मान किया तथा उनके बलिदान को नमन करते हुए राष्ट्र सेवा के उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
