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अक्षय तृतीया 2026: क्या करें और क्या नहीं? जान लें जरूरी नियम

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अलवर, 19 अप्रैल। अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का बेहद शुभ और पवित्र पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी खत्म नहीं होता और कई गुना बढ़कर मिलता है। इसलिए इस दिन पूजा-पाठ, दान और नई शुरुआत को विशेष महत्व दिया जाता है।

लेकिन कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे शुभ फल की जगह नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं इस दिन क्या करें और क्या नही।

 अक्षय तृतीया के दिन क्या करें

1. भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें
सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनकर विधि-विधान से पूजा करें। इससे धन-समृद्धि आती है।

2. दान-पुण्य जरूर करें
इस दिन जल, अन्न, फल, सत्तू, घड़ा आदि का दान बहुत शुभ माना जाता है। इससे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

3. नई शुरुआत करें
नया व्यापार, निवेश, घर खरीदना या कोई शुभ काम शुरू करना इस दिन बेहद फलदायी माना जाता है।

4. घर में सकारात्मकता रखें
घर को साफ रखें और मुख्य द्वार पर शुभ चिन्ह बनाएं। इससे मां लक्ष्मी का वास होता है।

5. शुभ वस्तुएं खरीदें
इस दिन सोना-चांदी या अन्य शुभ चीजें खरीदना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

अक्षय तृतीया के दिन क्या नहीं करें

1. झूठ, क्रोध और अपमान से बचें
इस दिन किसी से बहस या अपमान करने से शुभ फल नष्ट हो सकता है।

2. मांस-मदिरा का सेवन न करें
तामसिक भोजन और शराब से दूर रहें, वरना नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

3. उधार लेन-देन से बचें
इस दिन पैसा उधार देना या लेना आर्थिक परेशानी ला सकता है।

4. घर में अंधेरा न रखें
खासकर शाम के समय घर में अंधेरा रखना अशुभ माना जाता है, इससे लक्ष्मी का प्रवेश रुकता है।

5. किसी का दिल न दुखाएं
किसी को दुख देना या कटु वचन बोलना इस दिन विशेष रूप से वर्जित माना गया है।

 क्यों खास है अक्षय तृतीया

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन किया गया हर शुभ कार्य “अक्षय” यानी कभी खत्म न होने वाला फल देता है। इसलिए इसे साल के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।

2026 में अक्षय तृतीया कब है?

साल 2026 में अक्षय तृतीया की तिथि को लेकर 19 और 20 अप्रैल के बीच भ्रम बना हुआ है. द्रिक पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल (रविवार) को दोपहर 1 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल (सोमवार) सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक रहेगी. धर्म शास्त्रों के अनुसार, युगादि तिथियों का निर्धारण उदयकाल (सूर्योदय के समय की तिथि) के आधार पर किया जाता है. चूंकि 20 अप्रैल को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि मौजूद रहेगी. इसलिए शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाना ही सही और मान्य माना गया है.

अगर आप अक्षय तृतीया पर सही नियमों का पालन करते हैं, तो घर में सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहती है। वहीं छोटी-छोटी गलतियां भी आपके शुभ फल को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए इस दिन सोच-समझकर हर काम करें और सकारात्मकता बनाए रखें।

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