अलवर | 2 जुलाई 2026
“शहर हमें बहुत कुछ देता है… अगर हम अपने शहर के लिए कुछ अच्छा कर सकें, तो यही सबसे बड़ी खुशी है।”
इसी सोच के साथ अलवर के युवा उद्योगपति एवं सीबा मसाला उद्योग के डायरेक्टर शशांक झालानी लगातार सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


अलवर शहर में घंटाघर के सौंदर्यीकरण में महत्वपूर्ण योगदान देने के बाद अब सीबा मसाला उद्योग की ओर से मुख्य बस स्टैंड पर नया ट्रैफिक बूथ स्थापित कराया गया है। इसका विधिवत उद्घाटन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) डॉ. दीपक कुमार शर्मा की उपस्थिति में शशांक झालानी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर ट्रैफिक इंचार्ज संजय शर्मा, ग्रामीण थाना प्रभारी राजेश चौधरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने कहा कि जनसहयोग से किए गए ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। जब नागरिक स्वयं आगे बढ़कर शहर के विकास में भागीदारी निभाते हैं तो दूसरे लोग भी प्रेरित होते हैं।
यह पहला अवसर नहीं है जब शशांक झालानी ने जनहित में पहल की हो। इससे पहले एसएमडी स्कूल के पास खुले नाले में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए उन्होंने अपने सहयोग से वहां लोहे का सुरक्षा जाल लगवाया था, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी कम हुई।
शशांक झालानी केवल सामाजिक कार्यों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अलवर में होने वाले धार्मिक आयोजनों, सेवा कार्यों और सामाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। वे शहर के कई सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनका शांत स्वभाव, मधुर व्यवहार और हर व्यक्ति का आत्मीयता से “राम-राम” कहकर अभिवादन करना उन्हें लोगों के बीच अलग पहचान दिलाता है।
समाजसेवा की यह भावना उन्हें अपने परिवार से विरासत में मिली है। उनके पिता बाबूलाल झालानी भी वर्षों से सामाजिक कार्यों और जनसेवा में हमेशा अग्रणी हैं। यही संस्कार आज शशांक झालानी के कार्यों में भी साफ दिखाई देते हैं।
इस अवसर पर शशांक झालानी ने कहा,
“अलवर हमारा अपना शहर है। इस शहर ने हमें बहुत कुछ दिया है। अगर हम सभी अपनी क्षमता के अनुसार अपने शहर के लिए कुछ अच्छा करें, तो अलवर और भी सुंदर, सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकता है। समाज के लिए किया गया हर छोटा प्रयास भी बड़ी खुशी देता है।”
शहर के लोगों का मानना है कि यदि सक्षम लोग इसी तरह प्रशासन के साथ मिलकर जनहित के कार्यों में सहयोग करें, तो अलवर विकास और सामाजिक भागीदारी की नई मिसाल बन सकता है। ऐसी सकारात्मक पहलें केवल सुविधाएं नहीं बढ़ातीं, बल्कि समाज में सेवा और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत करती हैं।
