नई दिल्ली, 22 FEB। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ईसीआई और राज्य निर्वाचन आयुक्तों (SEC) का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित करेगा। यह सम्मेलन 27 वर्षों बाद हो रहा है। इससे पहले ऐसा सम्मेलन वर्ष 1999 में आयोजित किया गया था।
इस महत्वपूर्ण गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे। सम्मेलन में निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहेंगे।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी
सम्मेलन में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ भाग लेंगे। इसके साथ ही सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) भी इस राष्ट्रीय स्तर के मंथन में शामिल होंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य
इस गोलमेज सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य, अपने-अपने कानूनी ढांचों के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयुक्तों के कामकाज में बेहतर तालमेल स्थापित करना है। सम्मेलन से निर्वाचन प्रबंधन में सहकारी संघवाद की भावना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
तकनीक, EVM और मतदाता सूची पर चर्चा
दिनभर चलने वाले इस सम्मेलन में—
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निर्वाचन प्रक्रियाओं को और सुदृढ़ करने
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प्रौद्योगिकी के उपयोग
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इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM)
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मतदाता सूचियों के साझा उपयोग
जैसे अहम विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुति
आयोग के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में शुरू किए गए ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुति देंगे और बताएंगे कि यह प्लेटफॉर्म किस तरह निर्वाचन सेवाओं को सरल और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा। इसके साथ ही EVM की मजबूती, पारदर्शिता और सुरक्षा उपायों पर भी जानकारी दी जाएगी।
मतदाता पात्रता पर तुलनात्मक प्रस्तुति
सम्मेलन में जन प्रतिनिधि अधिनियम, 1950 के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता पात्रता से जुड़े प्रावधानों पर एक तुलनात्मक प्रस्तुति भी दी जाएगी, जिससे मतदाता सूची तैयार करने से जुड़े कानूनी ढांचों पर गहन चर्चा संभव हो सके।
राज्य निर्वाचन आयोगों की संवैधानिक भूमिका
राज्य निर्वाचन आयोगों का गठन संबंधित राज्यों के कानूनों के तहत 73वें और 74वें संविधान संशोधन के प्रावधानों के अनुसार किया गया है। अनुच्छेद 243K और 243ZA के तहत पंचायतों और नगर निकायों के चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयुक्तों को सौंपी गई है।
