चेन्नई, 5 मई 2026
चेन्नई से आई सबसे बड़ी खबर ने पूरे देश की राजनीति को चौंका दिया है। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार से नेता बने Joseph Vijay ने अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam के साथ 2026 के विधानसभा चुनाव में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। पहली बार चुनाव लड़ रही इस पार्टी ने 234 सीटों वाली विधानसभा में 100 से ज्यादा सीटों पर जीत/बढ़त बनाकर खुद को सबसे बड़ी ताकत के रूप में स्थापित कर लिया है, जबकि बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का है।
इस नतीजे ने दशकों से तमिलनाडु की राजनीति पर राज कर रही Dravida Munnetra Kazhagam और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam दोनों को बड़ा झटका दिया है। DMK जहां लगभग 60-70 सीटों के आसपास सिमटती नजर आई, वहीं AIADMK 30-40 सीटों तक ही सीमित रह गई। बाकी सीटें छोटे दलों और निर्दलीयों के खाते में गईं, लेकिन असली चर्चा सिर्फ एक नाम की रही—विजय।
विजय की राजनीति की शुरुआत भले ही नई हो, लेकिन उनकी तैयारी बेहद आक्रामक और सुनियोजित रही। फरवरी 2024 में पार्टी लॉन्च करने के बाद उन्होंने लगातार दो साल तक जमीनी स्तर पर काम किया। गांव-गांव कैडर खड़ा किया गया, युवाओं को सीधे जोड़ा गया और सोशल मीडिया को हथियार बनाकर जनता तक अपनी बात पहुंचाई गई। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सिस्टम बदलाव जैसे मुद्दों को उन्होंने चुनाव का केंद्र बनाया, जिसका सीधा असर वोटिंग पर देखने को मिला।
अगर विजय के व्यक्तिगत सफर की बात करें तो उनका पूरा नाम Joseph Vijay Chandrasekhar है, जिनका जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई में हुआ। वे दक्षिण भारत के सबसे बड़े फिल्म सितारों में गिने जाते हैं और “थलापति विजय” के नाम से मशहूर हैं। करोड़ों फैंस की इसी लोकप्रियता को उन्होंने राजनीति में बदल दिया और यह प्रयोग पूरी तरह सफल साबित हुआ।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत सिर्फ स्टार पावर की वजह से नहीं, बल्कि एंटी-इन्कम्बेंसी और बदलाव की जनता की इच्छा का नतीजा है। लंबे समय से DMK और AIADMK के बीच घूम रही सत्ता से लोग नया विकल्प चाहते थे, और विजय ने वही विकल्प बनकर सामने आए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। मौजूदा आंकड़े और राजनीतिक संकेत साफ बताते हैं कि सत्ता की चाबी अब उनके हाथ में है। अगर ऐसा होता है तो यह भारतीय राजनीति में एक और बड़ा उदाहरण होगा, जहां एक फिल्म स्टार ने सीधे जनता के भरोसे सत्ता तक का सफर तय किया।
तमिलनाडु का यह चुनाव सिर्फ नतीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि अगर रणनीति मजबूत हो और जनता का मूड बदल जाए, तो राजनीति के पुराने किले भी एक झटके में ढह सकते हैं। विजय की यह जीत अब देशभर में “पॉलिटिकल गेम चेंजर” के रूप में देखी जा रही है।
