अलवर, 06 जुलाई 2026। काला कुआं स्थित राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय में छत का प्लास्टर गिरने की घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने जिला कलेक्टर से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भवन की शीघ्र मरम्मत कराने तथा लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि अस्पताल प्रशासन ने भवन की जर्जर स्थिति को लेकर 7 बार PWD को पत्र लिखे, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं होने से आखिरकार हादसा हो गया। चिकित्सा विभाग ने मरम्मत के लिए आवश्यक राशि का भुगतान भी पहले ही कर दिया था।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने 4 अगस्त 2025, 25 अगस्त 2025, 4 सितंबर 2025, 24 फरवरी 2026, 18 मई 2026, 8 जून 2026 और 29 जून 2026 को अधिशासी अभियंता, PWD, अलवर को भवन की मरम्मत के लिए पत्र भेजे थे। इसके बावजूद विभाग ने समय पर आवश्यक कार्य नहीं कराया।
सरकार ने दिए सख्त निर्देश
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी राजकीय अस्पतालों के भवनों की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी मरम्मत या संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभागों के समन्वय से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हादसे में डॉक्टर और महिला मरीज घायल
सोमवार को अस्पताल के पुराने भवन में अचानक छत का प्लास्टर गिरने से एक डॉक्टर और एक महिला मरीज को हल्की चोटें आईं। दोनों का तत्काल उपचार किया गया और उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अस्पताल भवन का निर्माण वर्ष 1990 से 2023 के बीच विभिन्न चरणों में दानदाताओं और अन्य माध्यमों से हुआ था। भवन का पुराना हिस्सा लंबे समय से जर्जर था और उसकी मरम्मत की आवश्यकता बनी हुई थी। अब राज्य सरकार ने पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
