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अलवर निकाय चुनाव में लाउडस्पीकर पर सख्ती, रात 10 बजे बाद पूरी तरह प्रतिबंध

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अलवर, 25 अगस्त।

नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 को देखते हुए अलवर जिला प्रशासन ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. आर्तिका शुक्ला ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1963 की धारा 5 के तहत अलवर जिले के संपूर्ण नगरीय निकाय क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग को लेकर निषेधाज्ञा जारी की है।

आदेश के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर लगे लाउडस्पीकर पर भी लागू होगा।

चुनाव कार्यालय पर लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित

प्रशासन के आदेश के मुताबिक अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए स्थापित किए गए चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। वहीं मतदान समाप्ति से पहले के 48 घंटे में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर दायरे में भी रोक

अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थलों से 100 मीटर की परिधि में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निर्धारित समय में अनुमति मिलने के बावजूद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल अत्यधिक तेज आवाज में नहीं किया जा सकेगा।

प्रचार वाहनों के लिए लेनी होगी अनुमति

लाउडस्पीकर लगाकर चुनाव प्रचार करने वाले वाहनों के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। वाहन के चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने से संबंधित खर्च का रिकॉर्ड निर्धारित रजिस्टर और प्रपत्र में दर्ज कर उसे चुनाव खर्च में शामिल करना होगा।

वाहन पर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति के लिए आवेदन में वाहन का रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस की प्रति, प्रदूषण प्रमाण पत्र, वाहन का प्रकार तथा अभ्यर्थी या राजनीतिक दल का नाम दर्ज करना होगा।

सभा और जुलूस के लिए भी लिखित अनुमति जरूरी

सार्वजनिक सभा या जुलूस के दौरान स्थिर लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाहर अथवा सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1963 की धारा 5 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू होकर मतगणना समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी।

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