प्रेस वार्ता में समाज के लोगों ने उठाए सवाल, चुनाव नहीं कराने और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप
अलवर, 01 मई।
अलवर जिले में पुरुषार्थी समाज के भीतर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। अब तक सभ्य और संगठित माने जाने वाले इस समाज में आपसी मतभेद सड़कों तक पहुंच गए हैं। शुक्रवार को शहर के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में समाज के एक धड़े ने वर्तमान अध्यक्ष कुलदीप कालरा पर गंभीर आरोप लगाए और उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
प्रेस वार्ता में उठे आरोप
प्रेस वार्ता में मौजूद समाज के सदस्यों ने आरोप लगाया कि वर्तमान अध्यक्ष पिछले साढ़े तीन साल से पद पर बने हुए हैं, जबकि नियमों के अनुसार हर दो साल में चुनाव होना अनिवार्य है।
वक्ताओं का कहना था कि बार-बार मांग के बावजूद चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। आरोप यह भी लगाया गया कि अध्यक्ष का रवैया तानाशाहीपूर्ण है और वे अपनी मनमर्जी से फैसले ले रहे हैं।
वित्तीय अनियमितता के आरोप
समाज के सदस्यों ने आर्थिक गड़बड़ी के भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अब तक लगभग 20 हजार सदस्यता फॉर्म बेचे जा चुके हैं, जिससे करीब 19–20 लाख रुपये एकत्र हुए हैं।
आरोप है कि यह राशि समिति के आधिकारिक बैंक खाते में जमा नहीं कराई गई है, जिससे धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
आमसभा और पारदर्शिता पर सवाल
वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि:
- लंबे समय से आमसभा आयोजित नहीं की गई
- आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया
- समाज के बुजुर्गों और प्रबुद्ध वर्ग की अनदेखी की जा रही है
बताया गया कि इस संबंध में अध्यक्ष को कानूनी नोटिस भी भेजा गया, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
चुनाव कराने की मांग तेज
प्रेस वार्ता में मौजूद लोगों ने जल्द से जल्द नए चुनाव कराने की मांग की है। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी की निगरानी में चुनाव कराने का सुझाव भी दिया गया।
समाज की छवि पर असर
पुरुषार्थी समाज, जो विभाजन के समय विस्थापित होकर आए विभिन्न समुदायों द्वारा मिलकर बनाया गया था, अब आंतरिक विवादों के कारण चर्चा में है।
समाज के जानकारों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका सामाजिक एकता और छवि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
इस दौरान डॉ अमित छाबड़ा, हरिकिशन खत्री, सतीश भाटिया, राजकुमार बक्शी, चरण सिंह, बलदेव नारंग, मदनलाल कोचर सहित अनेक समाज के लोग मौजूद रहे।
