जयपुर, 7 अप्रैल। राजस्थान के सलूम्बर जिले के दो गांवों में बच्चों की संदिग्ध बीमारी से हुई मौतों के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर उदयपुर स्थित आरएनटी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई है, जो पूरे मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
सरकार की ओर से जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा संबंधित विभागों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और प्रभावित गांवों में बच्चों के स्वास्थ्य की सघन स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल निर्देश
बच्चों की मौत की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत वस्तुस्थिति स्पष्ट करने, मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने तथा बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने को कहा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर मौके पर रवाना किया।
विशेषज्ञ टीम कर रही जांच
आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर की विशेषज्ञ टीम प्रभावित गांवों में पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, बीमारी के संभावित कारणों की पहचान और रोकथाम संबंधी उपायों पर कार्य कर रही है। टीम स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समन्वय में काम कर रही है।
मुख्य सचिव ने की समीक्षा
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन को सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित गांवों सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें तैनात कर बुखार के लक्षण वाले बच्चों की गहन जांच की जाए।
किसी भी बच्चे में लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने तथा गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में रेफर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके साथ ही मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए एंटीलार्वा गतिविधियां, सोर्स रिडक्शन और फोगिंग अभियान भी तेज किए जा रहे हैं।
