जयपुर, 30 मार्च।
राजस्थान की राजनीति में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कमेटी में किए गए बदलावों पर मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए परिवारवाद और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री पर साधा सीधा निशाना
टीकाराम जूली ने कहा कि एक कहावत है — “सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते”, लेकिन मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने सवाल किया कि “जो सुबह का कहा शाम तक भूल जाए, उसे क्या कहा जाए?”
उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह तक सरकार सार्वजनिक मंचों से परिवारवाद के खिलाफ बयान देती है, जबकि शाम होते-होते भाजपा नेताओं के बेटों को अहम पदों पर नियुक्त कर दिया जाता है।
RCA को बताया ‘लॉन्च पैड’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन, जो खिलाड़ियों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने का मंच होना चाहिए, उसे राजनीतिक परिवारों के युवाओं के लिए “लॉन्च पैड” बना दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एडहॉक कमेटी के कन्वीनर पद पर भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव की नियुक्ति मेरिट के बजाय राजनीतिक प्रभाव को दर्शाती है।
नियुक्तियों पर उठाए सवाल
जूली ने कमेटी के पुनर्गठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व मंत्री चंद्रराज सिंघवी के पोते अरिष्ट सिंघवी को सदस्य बनाया गया।
विधायक संजीव बेनीवाल के बेटे अर्जुन बेनीवाल को भी शामिल किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी को दोबारा जगह दी गई।
उनका आरोप है कि इन नियुक्तियों से यह संदेश गया है कि आम कार्यकर्ताओं की बजाय राजनीतिक परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।
खेल भावना के साथ अन्याय का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि खेल संस्थाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप राजस्थान के खेल इतिहास के लिए नुकसानदायक है और इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के अवसर प्रभावित होते हैं।
