जयपुर, 12 मई 2026। Rajasthan अब सहकारिता क्षेत्र में गोदाम निर्माण के मामले में देशभर के लिए मिसाल बनता जा रहा है। ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत संचालित विश्व की वृहत अन्न भंडारण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। राजस्थान मॉडल का अध्ययन करने के लिए Uttar Pradesh सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर दौरे पर पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नेहरू सहकार भवन में सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. Samit Sharma से मुलाकात कर गोदाम निर्माण की कार्यप्रणाली, वित्तीय मॉडल और मॉनिटरिंग सिस्टम की जानकारी ली।
कम लागत में बन रहे आधुनिक गोदाम
डॉ. समित शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma और सहकारिता मंत्री Gautam Kumar Dak के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण क्षमता मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि गोदामों का निर्माण सीधे सहकारी समितियों के जरिए कराया जा रहा है, जिससे एजेंसियों का अतिरिक्त कमीशन बच रहा है और लागत कम हो रही है। राजस्थान में गोदाम 4000 से 5500 रुपये प्रति मीट्रिक टन की लागत से तैयार किए जा रहे हैं, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है।
25 लाख की सब्सिडी, 100% सहायता देने वाला पहला राज्य
राज्य सरकार हर गोदाम के लिए 25 लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है। राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां गोदाम निर्माण पर शत-प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। सभी गोदाम डब्ल्यूडीआरए मानकों के अनुसार बनाए जा रहे हैं और उनकी गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
250 गोदामों का लक्ष्य
सरकार ने राज्य में 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले 250 गोदाम बनाने का लक्ष्य तय किया है। इससे करीब 1.25 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित होगी।
अब तक:
- वर्ष 2024-25 में 98 गोदाम तैयार हो चुके हैं
- वर्ष 2025-26 में 91 गोदाम निर्माणाधीन हैं
- वर्ष 2026-27 के लिए चयन प्रक्रिया जारी है
यूपी की टीम ने किया फील्ड विजिट
उत्तर प्रदेश से पहुंचे अधिकारियों ने निर्माणाधीन और तैयार गोदामों का फील्ड विजिट कर निरीक्षण भी किया। टीम ने राजस्थान मॉडल की तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना की।
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य अभियंता Parikshit Tripathi, अधिशासी अभियंता Satendra Sikarwar और एफसीआई के सहायक महाप्रबंधक Prateek K Sharma शामिल रहे।
