जयपुर, 14 मई । राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दिल्ली दौरे और भाजपा शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठकों के बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और बड़े फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही भजनलाल कैबिनेट का विस्तार हो सकता है और कई नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
राजस्थान में वर्तमान में कुल 24 मंत्री हैं, जबकि विधानसभा के नियमों के अनुसार अधिकतम 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अभी 6 मंत्री पद खाली हैं। माना जा रहा है कि इन पदों पर नए विधायकों को जगह दी जा सकती है, वहीं कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव और कमजोर प्रदर्शन वाले मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है।
सूत्रों की मानें तो भाजपा संगठन अब “परफॉर्म करो या साइड हो जाओ” फॉर्मूले पर काम कर रहा है। पार्टी युवाओं और नए चेहरों को आगे लाकर 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। साथ ही जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर भी फोकस रहेगा।
हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा और तेज हो गई कि राजस्थान में जल्द कैबिनेट विस्तार, बोर्ड-निगमों में नियुक्तियां और संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत और निकाय चुनावों से पहले भाजपा राजस्थान में अपनी सरकार और संगठन दोनों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कारण आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
