नारी शक्ति वंदन कानून को लेकर सियासत तेज, विपक्ष पर साधा निशाना, महिलाओं से मांगी माफी
नई दिल्ली, 18 अप्रैल।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में इस विषय पर बड़ा बयान देते हुए साफ कहा कि उनकी सरकार नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि “हम हारे नहीं हैं, हमारा हौसला आज भी उतना ही मजबूत है।”
प्रधानमंत्री ने इस दौरान नारी शक्ति को लेकर भावुक अपील भी की और कहा कि अगर इस मुद्दे पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है तो वे महिलाओं से माफी मांगते हैं, लेकिन यह लड़ाई रुकेगी नहीं।
विपक्ष पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पार्टियां नहीं चाहतीं कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में बराबर प्रतिनिधित्व मिले।
महिला आरक्षण पर क्या है स्थिति
महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 लागू किया है। हालांकि, इसके लागू होने की प्रक्रिया जनगणना और परिसीमन के बाद ही पूरी तरह से संभव होगी, जिस पर अभी काम जारी है।
‘नारी शक्ति देश की ताकत’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं—चाहे वह शिक्षा हो, सेना हो या विज्ञान। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं को हर स्तर पर बराबरी का अधिकार और अवसर मिले।
राजनीतिक असर
महिला आरक्षण को लेकर दिए गए इस बयान के बाद सियासत तेज हो गई है। एक तरफ जहां बीजेपी इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अधूरा वादा करार दे रहा है।
महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बना रहेगा। पीएम मोदी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है।
