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देश में शुरू हुई बैरियर-रहित टोल प्रणाली, गडकरी बोले- अब बिना रुके होगी हाईवे यात्रा

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नई दिल्ली, 12 मई 2026। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने कहा है कि भारत अब विश्वस्तरीय हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में देश में मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-रहित टोल प्रणाली की शुरुआत की गई है, जिससे हाईवे पर बिना रुके यात्रा संभव होगी, प्रदूषण कम होगा और परिवहन लागत में भी बड़ी कमी आएगी।

केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में Urban Extension Road-II के मुंडका-बक्करवाला सेक्शन पर देश के पहले बैरियर-रहित टोल प्लाजा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री Ajay Tamta, Harsh Malhotra समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

क्या है MLFF टोल प्रणाली

एमएलएफएफ यानी मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम एक बैरियर-रहित और संपर्क रहित टोल व्यवस्था है। इसमें वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। यह तकनीक ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) और फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम पर आधारित है।

सरकार का कहना है कि इससे टोल प्लाजा पर लगने वाला समय लगभग खत्म हो जाएगा, जिससे ईंधन की बचत होगी और ट्रैफिक जाम में कमी आएगी।

सालाना 250 करोड़ लीटर ईंधन की होगी बचत

नितिन गडकरी ने कहा कि नई प्रणाली से हर साल करीब 250 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होने का अनुमान है। साथ ही लगभग 81 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे खासकर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि पहले टोल कलेक्शन ऑपरेशन में करीब 15 प्रतिशत खर्च होता था, लेकिन एमएलएफएफ सिस्टम लागू होने के बाद यह घटकर 3-4 प्रतिशत रह जाएगा। इससे हर साल लगभग ₹5,000 से ₹6,000 करोड़ की बचत संभव होगी।

AI आधारित निगरानी और स्मार्ट हाईवे सिस्टम

गडकरी ने कहा कि इस नई व्यवस्था में उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकें जोड़ी गई हैं, जो ट्रैफिक मैनेजमेंट और निगरानी को बेहतर बनाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार हाईवे तकनीक को आधुनिक बना रही है ताकि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके।

फास्टैग में बैलेंस जरूरी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्बाध यात्रा के लिए वाहन चालकों को अपने फास्टैग अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस रखना होगा। यदि फास्टैग में राशि कम होगी या टैग अमान्य पाया गया तो वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी किया जाएगा।

उपयोगकर्ताओं को 72 घंटे के भीतर शुल्क जमा करना होगा। समय पर भुगतान नहीं होने पर दोगुना शुल्क लगाया जाएगा और फास्टैग ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।

गुजरात में भी सफल परीक्षण

इस महीने की शुरुआत में Gujarat के सूरत-भरूच राष्ट्रीय राजमार्ग खंड पर भी एमएलएफएफ टोल प्रणाली का सफल परीक्षण किया गया था। सरकार का लक्ष्य देशभर में तकनीक आधारित, तेज और उपयोगकर्ता-अनुकूल हाईवे नेटवर्क तैयार करना है।

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