अलवर, 19 जून। अयोध्याधाम आश्रम में पूज्य बाबा पुरुषोत्तम दास जी महाराज की पंचम पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। कथा व्यास परम पूज्य संत श्री गंगादास वेदांती जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति एवं भगवान नृसिंह के दिव्य प्राकट्य का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, समर्पण और ईश्वर विश्वास का संदेश दिया।
महाराज श्री ने कहा कि सच्चा भक्त विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान का स्मरण नहीं छोड़ता और भगवान अपने भक्त की रक्षा के लिए किसी भी रूप में प्रकट हो जाते हैं। कथा के दौरान उन्होंने पृथु महाराज, अजामिल तथा भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य की कथाओं का भी विस्तार से वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही पूरा कथा पांडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव की आकर्षक झांकियां सजाई गईं।
श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से नृत्य कर जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं तथा पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया। कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, पूतना उद्धार एवं अन्य राक्षसों के संहार की लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला लोककल्याण और धर्म स्थापना का संदेश देती है। कथा श्रवण से भक्तों को भक्ति, प्रेम, समर्पण एवं ईश्वर कृपा की अनुभूति प्राप्त होती है।
इस अवसर पर कथा यजमान जय शिव गुप्ता, मनीष द्विवेदी, पदम जोशी, होतीलाल शर्मा एवं ब्रह्मानंद शर्मा ने विधिवत पूजन एवं महाआरती की। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरा आश्रम भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गुंजायमान रहा। आश्रम के सेवक महेश मुद्गल ने बताया कि आयोजन में जगन्नाथ मंदिर के महंत देवेंद्र शर्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुए इस आयोजन ने सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया।
