- Advertisement -

बिग कैट संरक्षण के लिए कॉर्पोरेट फंडिंग जरूरी, दिल्ली में होगा पहला इंटरनेशनल बिग कैट समिट: भूपेंद्र यादव

- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली, 12 मई 2026। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री Bhupender Yadav ने कहा है कि बिग कैट संरक्षण के लिए कॉर्पोरेट फंडिंग, तकनीक आधारित निगरानी और सामुदायिक भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने उद्योग जगत से वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय सहयोग की अपील की।

 यादव ने यह बात Confederation of Indian Industry (CII) के सम्मेलन “फ्यूचर ऑफ ग्लोबल इकोनॉमी, इंडस्ट्री एंड सोसाइटी – विजन फॉर इंडिया@100” को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने घोषणा की कि भारत 1 और 2 जून 2026 को नई दिल्ली में पहले अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस पर जोर

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि International Big Cat Alliance प्रधानमंत्री Narendra Modi की पहल है, जिसका उद्देश्य दुनिया की सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों — बाघ, शेर, चीता, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, जगुआर और प्यूमा — का संरक्षण करना है। इस अंतर-सरकारी संगठन का मुख्यालय भारत में स्थापित किया गया है।

उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे प्राकृतिक आवास पुनर्स्थापन, तकनीक आधारित सर्वेक्षण, सामुदायिक संरक्षण, क्षमता निर्माण और जनजागरूकता अभियानों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बिग कैट्स केवल वन्यजीव नहीं, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन और जैव विविधता की रक्षा करने वाली अहम प्रजातियां हैं।

भारत तेजी से उभरती वैश्विक ताकत

भूपेंद्र यादव ने कहा कि दुनिया इस समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित तकनीक, डिजिटल अर्थव्यवस्था और जलवायु चुनौतियों के कारण बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि भारत नवाचार, आर्थिक विकास और सतत विकास के संतुलन के साथ वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है और नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है।

सौर ऊर्जा क्षमता 150 गीगावाट पहुंची

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मार्च 2026 तक भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 150 गीगावाट तक पहुंच गई है, जबकि 2014 में यह केवल 2.82 गीगावाट थी। उन्होंने बताया कि देश की लगभग 50 प्रतिशत स्थापित विद्युत क्षमता अब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त हो रही है, जिसे भारत ने तय समय सीमा 2030 से पहले ही हासिल कर लिया है।

उन्होंने कहा कि भारत ने 2005 से 2020 के बीच जीडीपी की उत्सर्जन तीव्रता में 36 प्रतिशत की कमी दर्ज की है। साथ ही भारत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क और पेरिस समझौते के तहत अपनी पहली द्विवार्षिक पारदर्शिता रिपोर्ट भी जारी की है।

इंडिया@100 विजन पर फोकस

भूपेंद्र यादव ने कहा कि आर्थिक बदलाव, कौशल विकास, सतत विकास, सामाजिक समावेशिता और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका, 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा तय करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य एक विकसित, समावेशी, नवाचार आधारित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनना है।

- Advertisement -
NCR Sandesh
NCR Sandeshhttps://ncrsandesh.in/
एनसीआर संदेश न सिर्फ मुख्यधारा की खबरों को कवर करता है, बल्कि उन आवाज़ों को भी मंच देता है जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। हमारी खबरों की ख़ासियत है – तेज़ अपडेट्स, निष्पक्ष दृष्टिकोण और गहराई से विश्लेषण।

Latest news

- Advertisement -

संबंधित खबरें

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here