जयपुर/नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए बहुप्रतीक्षित यमुना जल समझौते को प्रदेश के जल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि यह केवल जल बंटवारे का समझौता नहीं, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य, जल सुरक्षा और समृद्धि की मजबूत आधारशिला है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली स्थित जोधपुर हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि लगभग 30 वर्षों से लंबित इस परियोजना का साकार होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और केंद्र-राज्य सरकारों के बेहतर समन्वय का परिणाम है।
34,102 करोड़ रुपये की परियोजना से बदलेगी राजस्थान की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 34,102 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना विशेष रूप से शेखावाटी अंचल सहित प्रदेश के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों के लिए स्थायी समाधान लेकर आएगी। परियोजना के पूरा होने पर लाखों परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा, भूजल पर निर्भरता कम होगी और जल संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल पेयजल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति देगी।
कृषि, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जल उपलब्धता बढ़ने से कृषि, पशुपालन, उद्योग, निवेश और पर्यटन क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजस्थान की दीर्घकालिक जल नीति को मजबूत करेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
‘विकसित भारत-2047’ विजन का अहम हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ विजन में जल सुरक्षा को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार हर नागरिक तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यावरण संरक्षण और समग्र विकास का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है।
प्रधानमंत्री, अमित शाह और सी.आर. पाटिल का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना और अधिक मजबूत हुई है।
उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सतत मार्गदर्शन और दोनों राज्यों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित कराने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग को भी इस समझौते की सफलता का महत्वपूर्ण कारण बताया।
समयबद्ध तरीके से होगा परियोजना का क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परियोजना के प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द प्रदेश की जनता तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यमुना का जल राजस्थान के विकास, समृद्धि और खुशहाली का नया प्रवाह बनेगा तथा जल-सुरक्षित और विकसित राजस्थान के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
