जयपुर, 14 जून। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली NEET री-एग्जाम को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों की गंभीरता से पालना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा केन्द्रों का नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा से संबंधित अफवाहें फैलाने वाले तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के मन में भ्रम या भय का वातावरण नहीं बनने दिया जाएगा।
अभ्यर्थियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी परीक्षा केन्द्रों पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राजस्थान के 27 जिलों में होंगे 611 परीक्षा केन्द्र
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 27 जिलों में कुल 611 परीक्षा केन्द्रों पर लगभग 2 लाख 9 हजार अभ्यर्थी NEET री-एग्जाम में शामिल होंगे। जयपुर में सर्वाधिक 106, सीकर में 102 और कोटा में 92 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, कानून एवं व्यवस्था महानिदेशक संजय अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं विभिन्न जिलों के कलक्टर और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और व्यवस्थित प्रबंधन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराना है, ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।
