अलवर, 12 मई 2026। Alwar के काली मोरी फाटक पर तैयार किया गया नया रेलवे अंडरपास अब शहरवासियों के लिए बड़ी राहत बनने जा रहा है। करीब 200 से ज्यादा मजदूरों ने लगातार सवा 7 घंटे तक बिना रुके काम कर इस अंडरपास का मुख्य ढांचा तैयार किया। तेज गर्मी के बीच मजदूरों ने इतना पसीना बहाया कि मौके पर 80 कैंपर पानी खत्म हो गए, लेकिन किसी ने काम बीच में नहीं छोड़ा।
अब इस अंडरपास के बनने से स्कूल बच्चों, कर्मचारियों, इंडस्ट्री में काम करने वाले मजदूरों और आसपास की कॉलोनियों के हजारों लोगों का रोज का सफर आसान हो जाएगा।
स्कूल बसों के बचेंगे 10 किलोमीटर
स्थानीय स्कूल बस चालक मुकेश राजोरिया ने बताया कि अब तक बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए दो-दो पुलों से होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। अंडरपास बनने के बाद करीब 10 किलोमीटर दूरी कम हो जाएगी और बच्चों के रोजाना 25 से 30 मिनट बचेंगे। उन्होंने कहा कि इससे ईंधन की बचत भी होगी और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
कर्मचारियों और छात्रों को मिलेगा सीधा रास्ता
राजस्थान सोलर कंपनी में काम करने वाले अनिल गुप्ता ने बताया कि पहले घूमकर आने में काफी समय खराब होता था, लेकिन अब सीधे रास्ते से आने-जाने में आसानी होगी। वहीं केवी स्कूल के एक छात्र ने कहा कि पहले लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, अब अंडरपास बनने से अंबेडकर नगर और आसपास के इलाकों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
रेलवे ट्रैक पार करने का खतरा होगा खत्म
काली मोरी फाटक पर लंबे समय से लोगों को रेलवे ट्रैक पार करने में खतरा बना रहता था। कई बार यहां जाम की स्थिति भी बनती थी। अंडरपास बनने के बाद अब लोगों को रेलवे लाइन पार नहीं करनी पड़ेगी और हादसों का खतरा भी कम होगा।
दो महीने में पूरा होगा पूरा काम
फिलहाल अंडरपास का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब साइड की अप्रोच रोड और फिनिशिंग का काम बाकी है। अधिकारियों के अनुसार अगले करीब दो महीनों में पूरा प्रोजेक्ट तैयार हो जाएगा, जिसके बाद आमजन के लिए रास्ता खोल दिया जाएगा।
