जयपुर, 29 मार्च 2026। सप्त शक्ति कमान के अधीन ज्ञान शक्ति थिंक टैंक (GSTT) द्वारा जयपुर मिलिट्री स्टेशन में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक फोर्स मल्टीप्लायर – रणनीतिक जागरूकता एवं जिम्मेदार तैयारी’ विषय पर एक ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, सेवारत एवं सेवानिवृत्त रक्षा अधिकारियों और अकादमिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।
सेमिनार में साइबर एवं रक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रणनीतिक उपयोग और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिष्ठित पैनल में साइबर विशेषज्ञ कर्नल आर. डी. शर्मा, एआई एवं मशीन लर्निंग एकीकरण विशेषज्ञ स्क्वाड्रन लीडर विभूति मंगल (सेवानिवृत्त) तथा मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) के सहायक प्रोफेसर डॉ. महिपाल जडेजा शामिल रहे।
वक्ताओं ने साइबर एवं सूचना युद्ध तकनीकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक रणनीतिक अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। साथ ही, दैनिक जीवन में एआई और ChatGPT जैसे जनरेटिव टूल्स के व्यावहारिक उपयोगों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों को उभरती तकनीकों की क्षमताओं की बेहतर समझ मिली।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे और एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। ज्ञान शक्ति थिंक टैंक द्वारा नवंबर 2024 से अब तक विभिन्न रणनीतिक विषयों पर नौ सेमिनार सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जिनका उद्देश्य रक्षा एवं रणनीतिक मुद्दों पर बौद्धिक विमर्श को बढ़ावा देना है।
समापन संबोधन में सप्त शक्ति कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत ने प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने सैन्य और मानवीय क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग हेतु मजबूत नीतियों और साइबर सुरक्षा ढांचे के विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
