नई दिल्ली, 19 मार्च 2026। भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव तथा छह राज्यों में उपचुनाव को हिंसा-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त बनाने के लिए व्यापक तैयारियां करते हुए 25 लाख से अधिक चुनाव अधिकारियों को तैनात किया है।
आयोग द्वारा 15 मार्च 2026 को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। इन चुनावों में 17.4 करोड़ से अधिक मतदाता भाग लेंगे, यानी औसतन हर 70 मतदाताओं पर एक चुनाव अधिकारी तैनात किया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अधिकारियों को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक मतदाता बिना भय और पक्षपात के मतदान कर सके, यह आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मी
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लगभग 15 लाख मतदान कर्मी
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8.5 लाख सुरक्षा कर्मी
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40 हजार मतगणना कर्मी
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49 हजार सूक्ष्म पर्यवेक्षक
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21 हजार सेक्टर अधिकारी
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2.18 लाख से अधिक बीएलओ (BLO)
मतदाताओं की सुविधा के लिए ईसीआईएनईटी ऐप पर BLO को कॉल बुक करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। शिकायत दर्ज कराने के लिए 1950 हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय है।
केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी
चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 832 विधानसभा क्षेत्रों में 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जिनमें 557 सामान्य, 188 पुलिस और 366 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। अधिकांश पर्यवेक्षक अपने क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं और प्रतिदिन निर्धारित समय पर शिकायतें सुनेंगे।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 28ए के तहत तैनात सभी कर्मियों को निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा।
