यूपी सरकार बोली– सुनियोजित साजिश के तहत भड़काई गई हिंसा, कई गिरफ्तारियां
नोएडा, 16 अप्रैल। हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस घटना में शामिल बड़ी संख्या में लोग असली मजदूर नहीं थे, बल्कि बाहरी तत्व थे जिन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
सरकार के मुताबिक, अब तक गिरफ्तार किए गए 66 आरोपियों में से 45 लोग मजदूर नहीं हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि मजदूर आंदोलन की आड़ में कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से हिंसा भड़काई।
बताया गया है कि वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। इस दौरान कई जगहों पर आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आगजनी के मामलों में शामिल कई आरोपी मजदूर नहीं थे। साथ ही भीड़ को भड़काने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कुछ संदिग्धों के संगठित नेटवर्क से जुड़े होने की भी जांच चल रही है।
सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम को एक “सुनियोजित साजिश” बताया है, जिसका मकसद नोएडा की औद्योगिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना था। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
प्रशासन का कहना है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में हालात पर काबू पा लिया गया और अब सभी फैक्ट्रियों में कामकाज सामान्य हो गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
