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पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए 777 किलोमीटर लंबी 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी, इनकी लागत ₹69,000 करोड़ से अधिक होगी

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वित्त वर्ष 2022-23 से प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के अंतर्गत पूर्वोत्तर क्षेत्र में 1790 किलोमीटर के 17 रेलवे सर्वेक्षण स्वीकृत

दिल्ली/ पूर्वोत्तर क्षेत्र में  रेल नेटवर्क की लाइन क्षमता को बढ़ाने के लिए 777 किलोमीटर लंबी 12 रेलवे परियोजनाओं (08 नई लाइनें, 04 दोहरीकरण) स्वीकृत किया गया है। पूर्णतः/आंशिक रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) की इन परियोजनाओं की लागत ₹69,342 करोड़ है। मार्च 2025 तक इनमें से 278 किलोमीटर की लाइन चालू हो चुकी है और ₹41,676 करोड़ का व्यय हो चुका है। ।

कार्य की स्थिति संक्षेप में निम्न है:-

वर्गपरियोजनाओं की संख्याकुल लंबाई
(किलोमीटर में)
कमीशन की गई लंबाई (किलोमीटर में)मार्च, 2024 तक व्यय

( करोड़ रुपये में)

नई लाइनें0844811338,078
दोहरीकरण043291653,698
कुल1277727841,676

 

पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में पूर्णतः/आंशिक रूप से आने वाली अवसंरचना परियोजनाओं और अन्य कार्यों के लिए औसत बजट आवंटन निम्न है:-

अवधिव्यय
2009-14₹2,122 करोड़/वर्ष
2025-26₹10,440 करोड़ (लगभग 5 गुना)

वर्ष 2009-14 और 2014-2025 के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में पूर्णतः/आंशिक रूप से आने वाले खंडों (नई लाइन, गेज परिवर्तन और दोहरीकरण) की कमीशनिंग निम्न है:-

 

अवधिनया ट्रैक कमीशन किया गयानए ट्रैकों का औसत कमीशनिंग
2009-1433366.6 किलोमीटर /वर्ष
2014-251,840 किलोमीटर167.27 किलोमीटर /वर्ष (लगभग 3 गुना)

 

वर्ष 2014 से पूर्वोत्तर क्षेत्र में पूर्णतः/आंशिक रूप से चालू की गई परियोजनाएं निम्नानुसार हैं:

क्रम संख्यापरियोजनालागत

(करोड़ रुपये में)

1बोगीबील पुल (92 किमी.)5820
2अगरतला-सबरूम (112 किमी.) नई लाइन3170
3अगरतला-अकौरा (5 किमी) नई लाइन865
4रंगिया-मुर्कोंगसेलेक (510 किमी) गेज परिवर्तन3019
5कुमारघाट-अगरतला (109 किमी) आमान परिवर्तन1242
6काटाखाल-भराबी (84 किमी) गेज परिवर्तन348
7लुमडिंग-बदरपुर-सिलचर और बदरपुर-कुमारघाट (412 किमी) गेज परिवर्तन673
8लुमडिंग-होजाई (45 किमी) दोहरीकरण410
9दिगारू-होजाई (102 किमी) दोहरीकरण1873
10न्यू बोंगाईगांव-अगथोरी (143 कि.मी.) दोहरीकरण2048

 

पूर्वोत्तर क्षेत्र में पूर्णतः/आंशिक रूप से आने वाली कुछ मुख्य परियोजनाएं जो शुरू की गई हैं, वे इस प्रकार हैं:-

क्रम संख्यापरियोजना का नामलागत

(करोड़ रुपये में)

1जिरीबाम-इम्फाल (111 किमी) नई लाइन18562
2दीमापुर-कोहिमा (82 किमी) नई लाइन6911
3भैरबी-सैरांग (51 किलोमीटर) नई लाइन5521
4मुरकोंगसेलेक-पासीघाट (27 किमी) नई लाइन980
5न्यू बोंगाईगांव-गोलपारा-गुवाहाटी (कामाख्या) (176 किलोमीटर) दोहरीकरण2950
6सरायघाट पुल (7 किमी) दोहरीकरण1478
7अलुआबारी-ठाकुरगंज (20 किमी) दोहरीकरण327
8अलुआबारी-न्यू जलपाईगुड़ी (57 किमी) तीसरी और चौथी लाइन1786

 

इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों अर्थात वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 और चालू वित्त वर्ष के दौरान, पीएम गति शक्ति एनएमपी के अंतर्गत उत्तर पूर्व क्षेत्र में पूर्णतः/आंशिक रूप से आने वाले कुल 1790 किलोमीटर लंबाई के 17 सर्वेक्षण (13 नई लाइन और 4 दोहरीकरण) स्वीकृत किए गए हैं। कुछ महत्वपूर्ण सर्वेक्षण इस प्रकार हैं:

क्रम संख्यापरियोजना का नामलंबाई किलोमीटर में
1ज़ुब्ज़ा-इम्फाल नई लाइन150
2लंका – सिलचर वाया चंद्रनाथपुर नई लाइन208
3सैरांग-हबिछुआ (मिजोरम) नई लाइन223
4अगथोरी-डेकारगांव नई लाइन130
5तेजपुर-सिलघाट नई लाइन40
6चंद्रनाथपुर-अगरतला दोहरीकरण244
7गुवाहाटी-लुमडिंग तीसरी लाइन181
8न्यू जलपाईगुड़ी-कामाख्या तीसरी और चौथी लाइन421
9कटिहार-अलुआबारी तीसरी और चौथी लाइन145

 

विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद, परियोजना की स्वीकृति के लिए राज्य सरकार सहित विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श और नीति आयोग, वित्त मंत्रालय से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है। चूँकि परियोजनाओं की स्वीकृति एक सतत और गतिशील प्रक्रिया है। इसलिए सटीक समय-सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती।

इसी प्रकार पूर्वोत्तर रेलवे में स्थित रेल नेटवर्क की लाइन क्षमता में वृद्धि और संवर्द्धन हेतु, 01.04.2025 तक पूर्वोत्तर रेलवे पर ₹20,466 करोड़ की लागत से कुल 1,253 किलोमीटर लंबाई की कुल 17 रेलवे अवसंरचना परियोजनाएँ (08 नई लाइन, 01 आमान परिवर्तन और 08 दोहरीकरण) स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 354 किलोमीटर की लाइन चालू हो चुकी है और मार्च 2025 तक ₹10,486 करोड़ का व्यय हो चुका है। सारांश इस प्रकार है:

 

वर्गस्वीकृत परियोजनाओं की संख्याकुल लंबाई
(किलोमीटर)
कमीशन की गई लंबाई

मार्च 2025 तक (किलोमीटर)

मार्च 2025 तक कुल व्यय

(करोड़ में)

नई लाइन8656484042
गेज रूपांतरण1560260
दोहरीकरण / मल्टीट्रैकिंग85413066184
कुल17125335410486

 

पूर्वोत्तर रेलवे पर हाल ही में पूरी हुई कुछ परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:

क्रम संख्यापरियोजना का नामनवीनतम लागत (करोड़)
1ग़ाज़ीपुर सिटी-तारीघाट नई लाइन (17 किलोमीटर)1766
2इंदारा-दोहरीघाट आमान परिवर्तन (34 किमी)213
3लखनऊ-पीलीभीत आमान परिवर्तन (263 किमी)1634
4बलिया-गाजीपुर शहर दोहरीकरण (65 किमी)650
5औंरिहार-जौनपुर दोहरीकरण (60 किमी)405
6मल्हौर-डालीगंज दोहरीकरण (13 किमी)183
7रोजा-सीतापुर कैंट-बुढ़वल दोहरीकरण (181 किमी)2094
8वाराणसी-माधोसिंह-इलाहाबाद दोहरीकरण (120 किमी)2018
9ऐशबाग-मानकनगर दोहरीकरण (4 किमी)82

 

पूर्वोत्तर रेलवे पर शुरू की गई कुछ मुख्य परियोजनाएं इस प्रकार हैं:

क्रम संख्यापरियोजना का नामलागत (करोड़)
1आनंदनगर-घुघुली वाया महराजगंज नई लाइन (53 किमी)958
2एटा-कासगंज नई लाइन (29 किलोमीटर)389
3गोरखपुर कैंट-वाल्मीकि नगर दोहरीकरण (96 किमी)1121
4बाराबंकी-बुढ़वल तीसरी लाइन (27 किमी)426
5मनकापुर-टिकरी दोहरीकरण (28 किमी)280

 

पिछले तीन वर्षों (2022-2023, 2023-2024, 2024-2025) और वर्त्तमान वित्त वर्ष के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे पर कुल 1878 किलोमीटर लंबाई के 46 सर्वेक्षण (5 नई लाइन, 2 आमान परिवर्तन और 39 दोहरीकरण) स्वीकृत किए गए हैं।

रेलवे परियोजना/परियोजनाओं का पूरा होना विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है जैसे राज्य सरकार द्वारा शीघ्र भूमि अधिग्रहण, वन विभाग के अधिकारियों द्वारा वन मंजूरी, अतिक्रमणकारी उपयोगिताओं का स्थानांतरण, विभिन्न प्राधिकरणों से वैधानिक मंजूरी, क्षेत्र की भूवैज्ञानिक और स्थलाकृतिक स्थितियाँ, परियोजना/परियोजनाओं के क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति, किसी विशेष परियोजना स्थल के लिए वर्ष में कार्य महीनों की संख्या आदि। ये सभी कारक परियोजना/परियोजनाओं के पूरा होने के समय और लागत को प्रभावित करते हैं।

यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

 

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