दिल्ली के 45 लाख लोगों को मिलेगा स्वामित्व और निर्माण अधिकार, 1511 कॉलोनियां योजना में शामिल
नई दिल्ली, 08 अप्रैल 2026। राजधानी दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने कॉलोनियों को “जहां है, जैसा है” आधार पर नियमित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस फैसले से करीब 45 लाख निवासियों को कानूनी स्वामित्व और शहरी सुविधाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि यह फैसला दिल्लीवासियों के जीवन में एक ऐतिहासिक क्षण साबित होगा। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 2019 में शुरू की गई पीएम-उदय योजना के तहत अब नियमितीकरण प्रक्रिया को और सरल बनाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग संपत्ति अधिकार प्राप्त कर सकें।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वर्षों से अपने घरों में रहने के बावजूद कानूनी अधिकारों से वंचित परिवारों को अब राहत और सम्मान मिलेगा। उन्होंने बताया कि 1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1511 कॉलोनियों को नियमितीकरण के दायरे में शामिल किया गया है।
सरकार के अनुसार अब कॉलोनियों को मौजूदा स्थिति के आधार पर नियमित किया जाएगा और लेआउट प्लान की मंजूरी नियमितीकरण में बाधा नहीं बनेगी। सभी भूखंडों और भवनों को आवासीय उपयोग की मान्यता दी जाएगी।
एमसीडी के स्वगम पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। जिन मामलों में हस्तांतरण विलेख या अधिकार पर्चियां पहले से जारी हैं, वे सबसे पहले आवेदन कर सकेंगे। तय समयसीमा के अनुसार 7 दिनों में जीआईएस सर्वे, 15 दिनों में आवेदन की कमियां दूर और 45 दिनों के भीतर दस्तावेज जारी किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से अनधिकृत कॉलोनियों को शहरी विकास की मुख्यधारा में शामिल करने में मदद मिलेगी और भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
