नई दिल्ली, 17 अप्रैल 2026
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 226 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी (201-300) में आता है। इसके बाद तत्काल प्रभाव से यह निर्णय लिया गया।
स्थिति की समीक्षा के लिए हुई बैठक में मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमानों का भी विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण अगले दो दिनों तक वायु गुणवत्ता के ‘खराब’ स्तर पर बने रहने की आशंका है।
क्या होंगे प्रमुख कदम?
ग्रैप के पहले चरण के तहत कुल 31 सख्त उपाय लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को और बढ़ने से रोकना है। इनमें मुख्य रूप से—
- निर्माण कार्यों में धूल नियंत्रण के नियमों का कड़ाई से पालन
- सड़कों की नियमित सफाई और पानी का छिड़काव
- खुले में कचरा जलाने पर सख्त प्रतिबंध
- प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर जुर्माना और जब्ती
- ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करना
- औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन
- डीजल जेनरेटर के उपयोग पर रोक
- सार्वजनिक परिवहन (CNG/इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो) को बढ़ावा
इसके अलावा होटल-रेस्टोरेंट में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनता से भी अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और कार पूलिंग को अपनाएं। साथ ही ‘ग्रीन दिल्ली’ और ‘समीर’ जैसे ऐप के जरिए प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें दर्ज करने को भी कहा गया है।
