अलवर/जयपुर, 19 जून।
राजस्थान में कोचिंग संस्थानों की वित्तीय गतिविधियों पर अब वाणिज्यिक कर विभाग की नजरें टेढ़ी होती दिखाई दे रही हैं। सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी स्थित दो प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों पर GST चोरी के आरोप में की गई कार्रवाई के बाद अब अलवर समेत अन्य शहरों की कोचिंग संस्थाओं में भी हलचल बढ़ गई है।
वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन शाखा-प्रथम ने मुख्य आयुक्त के निर्देश पर गंगापुर सिटी में एक साथ दो बड़े कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि ये संस्थान विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ IIT, NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते थे, लेकिन विद्यार्थियों से ली जा रही कोचिंग फीस पर GST का भुगतान नहीं कर रहे थे।
कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने कोचिंग परिसरों से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि पिछले कई वर्षों से विद्यार्थियों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर भारी शुल्क नकद रूप में वसूला जा रहा था। विभाग अब दस्तावेजों और फीस रिकॉर्ड का विश्लेषण कर संभावित कर चोरी का आकलन कर रहा है।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा हब के रूप में पहचान रखने वाले अलवर शहर में भी चर्चा शुरू हो गई है। अलवर में भी दर्जनों बड़े और छोटे कोचिंग संस्थान IIT, NEET, JEE, REET, SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सभी संस्थान कर नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं या नहीं।
हालांकि फिलहाल अलवर के किसी भी कोचिंग संस्थान के खिलाफ विभाग की ओर से कोई कार्रवाई या जांच की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन गंगापुर सिटी की कार्रवाई ने यह संकेत जरूर दिया है कि विभाग आने वाले समय में अन्य जिलों की कोचिंग संस्थाओं की गतिविधियों पर भी नजर रख सकता है।
वाणिज्यिक कर विभाग का कहना है कि कर चोरी करने वालों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
