नई दिल्ली, 22 मई। Directorate of Revenue Intelligence (डीआरआई) ने प्रतिबंधित ई-सिगरेट और वेप्स की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में फैले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 120 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 3 लाख ई-सिगरेट और वेप्स जब्त किए गए।
डीआरआई को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर विभिन्न बंदरगाहों, हवाई अड्डों और आईसीडी (इनलैंड कंटेनर डिपो) पर संदिग्ध आयात खेपों पर नजर रखी गई। जांच में सामने आया कि तस्कर सीमा शुल्क जांच से बचने के लिए ई-सिगरेट को गलत तरीके से घोषित कर भारत ला रहे थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इन प्रतिबंधित निकोटीन उत्पादों को चीन से मंगाया गया था और इन्हें “फर्नीचर” तथा “मेटल चेयर पार्ट्स” जैसे सामानों के बीच छिपाकर आयात किया जा रहा था। विस्तृत जांच में विभिन्न ब्रांड, फ्लेवर और मॉडल की करीब 3,00,000 इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और वेप्स बरामद किए गए।
डीआरआई अधिकारियों का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) पर वर्ष 2019 से प्रतिबंध लागू है। सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 लागू किया था, जिसके तहत इनके उत्पादन, आयात, बिक्री, वितरण और विज्ञापन पर रोक है।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले में शामिल तस्करी नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहन जांच जारी है तथा आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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