जयपुर, 21 मई। राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब प्रदेश के हर जिले में एक सरकारी और एक निजी अस्पताल को मॉडल फैसिलिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इन अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ सिस्टम लागू कर मरीजों के उपचार और रिकॉर्ड प्रबंधन को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।
इसी क्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को जयपुर स्थित सीफू में एबीडीएम मॉडल फैसिलिटी इनिशिएटिव पर राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में चयनित निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, आभा आईडी निर्माण और हेल्थ रिकॉर्ड लिंकिंग की विस्तृत जानकारी दी गई।
मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम ने बताया कि मॉडल अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने से मरीजों का पूरा इलाज संबंधी रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को उपचार में अधिक सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी सार्वजनिक और निजी अस्पतालों को एबीडीएम प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा और निर्धारित डिजिटल आईडी के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चयनित मॉडल संस्थानों में स्कैन एंड शेयर, एबीडीएम कम्प्लायंट हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम, हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री और हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही प्रत्येक मरीज की आभा आईडी बनाकर उसके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण से मरीजों और चिकित्सा संस्थानों की यूनिक पहचान सुनिश्चित होगी, जिससे स्वास्थ्य प्रबंधन अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगा।
कार्यशाला में राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजी लाल अटल, ओएसडी संतोष गोयल, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के निदेशक पंकज अरोड़ा सहित कई अधिकारियों ने भाग लिया। राज्य आईटी टीम और एबीडीएम विशेषज्ञों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अस्पताल प्रतिनिधियों को तकनीकी जानकारी भी दी।
