अलवर, 19 मई। राजस्थान को जल्द ही देश के सबसे आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जुड़ने जा रही बड़ी सौगात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma की पहल पर अब अलवर से नई दिल्ली के बीच नमो भारत ट्रेन दौड़ेगी। दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर के तहत राजस्थान में 91 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे प्रदेश की आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
इस परियोजना के तहत नई दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर गुरुग्राम, बावल, एसएनबी, खैरथल और अलवर तक नमो भारत ट्रेन संचालित होगी। वहीं दूसरा रूट नीमराना और बहरोड़ होते हुए सोतानाला तक जाएगा। इससे भिवाड़ी, नीमराना और एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा और निवेश व रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
करीब 196 किलोमीटर लंबे इस पूरे नेटवर्क में 22 मुख्य स्टेशन प्रस्तावित हैं। राजस्थान हिस्से में 6 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह अत्याधुनिक आरआरटीएस नेटवर्क 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से संचालित होगा।
सराय काले खां बनेगा मुख्य जंक्शन
दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन को तीनों नमो भारत कॉरिडोर का मुख्य जंक्शन बनाया जाएगा, जहां से यात्री आसानी से दूसरे कॉरिडोर में सफर कर सकेंगे। यह नेटवर्क रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस टर्मिनल और दिल्ली मेट्रो से भी जुड़ा होगा।
मेट्रो से तीन गुना तेज होगी नमो भारत
आरआरटीएस ट्रेनें सामान्य मेट्रो से लगभग तीन गुना अधिक गति से चलेंगी। यह पूरी तरह डेडिकेटेड और एलिवेटेड कॉरिडोर पर संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को जाम और ट्रैफिक से राहत मिलेगी।
राजस्थान में विकास को मिलेगा नया आयाम
यह परियोजना सिर्फ परिवहन व्यवस्था को बेहतर नहीं बनाएगी बल्कि राजस्थान के औद्योगिक विकास, निवेश, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी नया अध्याय लिखेगी। दिल्ली-एनसीआर से तेज कनेक्टिविटी मिलने पर अलवर, भिवाड़ी और नीमराना जैसे क्षेत्र विकास के नए केंद्र बनकर उभरेंगे। हरियाणा और राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से होकर गुजरने वाला दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर न केवल एनसीआर क्षेत्र में आवागमन को तेज एवं सुगम बनाएगा, बल्कि राजस्थान में औद्योगिक विकास एवं आधारभूत संरचना के विस्तार के नये युग का सूत्रधार बनेगा।
