नई दिल्ली, 22 FEB। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की 131वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), खेल, अंगदान, डिजिटल सुरक्षा, कृषि नवाचार, सांस्कृतिक विरासत और परीक्षार्थियों के मनोबल जैसे विविध विषयों पर विस्तार से बात की।
AI समिट में भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री ने दिल्ली में आयोजित Global AI Impact Summit का जिक्र करते हुए कहा कि यह सम्मेलन दुनिया के लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित होगा। उन्होंने बताया कि समिट में ‘मेड इन इंडिया’ तीन AI मॉडल लॉन्च किए गए। अमूल के स्टॉल में AI से पशुपालन और डेयरी प्रबंधन तथा सुश्रुत संहिता जैसी प्राचीन पांडुलिपियों को AI के जरिए संरक्षित व अनुवादित करने की पहल ने विश्व नेताओं को प्रभावित किया।
प्रवासी भारतीय खिलाड़ी बने गौरव
टी-20 वर्ल्ड कप का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई देशों की टीमों में भारतीय मूल के खिलाड़ी खेल रहे हैं। कनाडा, अमेरिका, ओमान, न्यूजीलैंड, यूएई और इटली जैसी टीमों में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की मौजूदगी भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करती है।
अंगदान से जीवन की नई उम्मीद
प्रधानमंत्री ने केरल की 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान का उल्लेख करते हुए इसे मानवता की मिसाल बताया। साथ ही हृदय, फेफड़े और किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सक्रिय जीवन जी रहे लोगों के उदाहरण देकर अंगदान को महादान बताया।
डिजिटल अरेस्ट और फ्रॉड से सतर्क रहने की अपील
पीएम मोदी ने डिजिटल फ्रॉड और फर्जी कॉल्स से सावधान रहने को कहा। उन्होंने KYC और re-KYC केवल आधिकारिक माध्यमों से कराने, OTP और बैंक विवरण साझा न करने तथा पासवर्ड समय-समय पर बदलने की सलाह दी।
किसान नवाचार और कृषि उपलब्धियां
ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल के मल्टी-लेयर फार्मिंग मॉडल की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का किसान परंपरा और तकनीक दोनों को साथ लेकर चल रहा है। उन्होंने बताया कि भारत 15 करोड़ टन से अधिक उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन चुका है।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राजाजी उत्सव
प्रधानमंत्री ने बताया कि 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में ‘राजाजी उत्सव’ आयोजित होगा, जिसमें सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। यह गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति और भारतीय मूल्यों को सम्मान देने की दिशा में अहम कदम है।
परीक्षार्थियों और त्योहारों का संदेश
परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों का मूल्य उनकी मार्कशीट से तय नहीं होता। साथ ही रमजान और होली की शुभकामनाएं देते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ अपनाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि ‘मन की बात’ देशवासियों की प्रेरणादायी कहानियों का मंच है और ऐसे प्रयास भारत को मजबूत व आत्मनिर्भर बनाते हैं।
