जयपुर, 24 अप्रैल। राजस्थान में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहल सामने आई है। UNICEF India और RSLDC के सहयोग से ‘डिजिटल गर्ल्स हब’ (DGH) प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत करीब 2,000 युवतियों को आधुनिक डिजिटल स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। आरएसएलडीसी के जयपुर कार्यालय में प्रबंध निदेशक ऋषभ मंडल की उपस्थिति में इस सम्बंध में दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए। बालिकाओं के डिजिटल सशक्तीकरण एवं रचनात्मक क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ये महत्वपूर्ण पहल है।
क्या है ‘डिजिटल गर्ल्स हब’
यह कार्यक्रम युवतियों को डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री के लिए तैयार करने पर केंद्रित है।
- 18 से 29 वर्ष की युवतियों को मिलेगा मौका
- अल्पकालिक डिजिटल कोर्स के जरिए स्किल डेवलपमेंट
- ट्रेनिंग के बाद रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
खास बात यह है कि यह योजना रिजल्ट-आधारित मॉडल पर चलेगी, यानी प्लेसमेंट के बाद ही भुगतान किया जाएगा।
कब तक चलेगा अभियान?
यह कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से लागू होगा और मार्च 2027 तक संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवतियों को लाभ मिल सके।
फैशन, मीडिया और डिजाइन में करियर के अवसर
इस पहल में Fashion Design Council of Rajasthan (FDCR) भी शामिल है, जो युवतियों को रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मौका देगा:
- फैशन, टेक्सटाइल, फिल्म और मीडिया में प्रशिक्षण
- इंडस्ट्री-फोकस्ड कोर्स और मास्टर क्लास
- इंटर्नशिप और स्टार्टअप सपोर्ट
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी जुड़ाव
युवतियों को UNICEF YouthHub के माध्यम से:
- डिजिटल कोर्स
- रोजगार के अवसर
- स्किल अपग्रेडेशन के टूल्स
यानी सीखने से लेकर नौकरी तक का पूरा इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।
क्या होगा फायदा
- महिलाओं की डिजिटल भागीदारी बढ़ेगी
- रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
- ग्रामीण क्षेत्रों की युवतियों को भी बराबर मौका मिलेगा
‘डिजिटल गर्ल्स हब’ सिर्फ एक स्किल प्रोग्राम नहीं, बल्कि राजस्थान की युवतियों के लिए करियर और आत्मनिर्भरता की नई राह है। यह पहल आने वाले समय में राज्य को डिजिटल स्किलिंग में मजबूत बना सकती है।
