जयपुर, 17 मार्च 2026। आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए देशभर में 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। इनमें राजस्थान से 37 अधिकारी शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों तथा 6 राज्यों में उपचुनावों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। राजस्थान से भेजे गए अधिकारियों में 28 आईएएस और 9 आईपीएस अधिकारी शामिल हैं।
निष्पक्ष चुनाव पर जोर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते समय स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को हिंसा और प्रलोभन से मुक्त रखना आयोग की प्राथमिकता है, ताकि हर मतदाता बिना भय और पक्षपात के मतदान कर सके। इस लक्ष्य को पूरा करने में केंद्रीय पर्यवेक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राज्यवार पर्यवेक्षकों की तैनाती
| वर्तमान विधानसभा चुनाव/उपचुनाव 2026 में तैनात सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या | ||||
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का नाम, | विधानसभा सीटों की संख्या, | तैनात किए गए सामान्य पर्यवेक्षकों की संख्या, | तैनात किए गए पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या, | तैनात किए गए व्यय पर्यवेक्षकों की संख्या, |
| असम | 126 | 51 | 35 | 50 |
| केरल | 140 | 51 | 17 | 40 |
| तमिलनाडु | 234 | 136 | 40 | 151 |
| पश्चिम बंगाल | 294 | 294 | 84 | 100 |
| पुड्डुचेरी | 30 | 17 | 4 | 17 |
| उप-चुनाव | 8 | 8 | 8 | 8 |
| कुल | 832 | 557 | 188 | 366 |
निर्वाचन आयोग ने सभी पर्यवेक्षकों को 18 मार्च 2026 तक संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। तैनाती के बाद पर्यवेक्षक अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे और प्रतिदिन एक निर्धारित समय पर उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों तथा आम नागरिकों की चुनाव संबंधी शिकायतें सुनेंगे।
संवैधानिक प्रावधान के तहत नियुक्ति
केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 324 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत की जाती है। उनका मुख्य कार्य जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया की निगरानी कर स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना होता है।
