हेमंत गुप्ता /अलवर, 14 अप्रैल |
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र में हुआ भीषण सड़क हादसा अब एक ऐसी दर्दनाक कहानी बन गया है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। इंदौर से दिल्ली जा रही एक ट्रेवल बस के केमिकल टैंकर से टकराने के इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी मोनू यादव (32), उनकी पत्नी रीना यादव और 8 वर्षीय बेटी डोली यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बस को खुद मोनू यादव ही चला रहे थे, तभी पिनान के पास चैनल नंबर 100 इंटरचेंज पुलिया पर यह हादसा हो गया।
सबसे भावुक कर देने वाली बात यह है कि इस हादसे में परिवार की 2 साल की मासूम बेटी रिद्धि यादव बच गई। हादसे के बाद जब पुलिस उसे थाने लेकर आई, तो वह लगातार रोते हुए “मां-मां” पुकारती रही। थानाधिकारी ने उसे शांत कराने और खिलाने की कोशिश की, लेकिन मासूम की आंखें सिर्फ अपने माता-पिता को ढूंढ रही थीं।
जानकारी के अनुसार, यह परिवार एक दिन पहले ही उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर लौटा था। उनकी खुशियों की तस्वीरें अभी सोशल मीडिया पर ताजा ही थीं, लेकिन अगले ही दिन यह दर्दनाक हादसा उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।

इस हादसे में कुल 3 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 30 यात्री घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कई को गंभीर हालत में अलवर और जयपुर रेफर किया गया।
वहीं, कुछ घायलों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद काफी देर तक मौके पर मदद नहीं पहुंची, जिससे लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और NHAI की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है। मासूम रिद्धि को उसके परिजन अपने साथ आगरा ले गए।

फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को जिम्मेदार माना जा रहा है।
यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक खुशहाल परिवार के टूटने की ऐसी कहानी बन गया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
