जयपुर, 04 AUGUST 2026। राजस्थान सरकार ने प्रदेश में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने और प्रसूताओं सहित गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों को स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर प्रतिमाह कम से कम एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रक्त उपलब्ध रहने से प्रसूताओं के गंभीर ऑपरेशन के दौरान समय पर रक्त मिल सकेगा और परिजनों को रिप्लेसमेंट के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ई-रक्तकोष पोर्टल पर रोजाना अपडेट करना होगा स्टॉक
प्रमुख शासन सचिव ने सभी ब्लड सेंटरों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन ई-रक्तकोष पोर्टल पर रक्त की उपलब्धता का अद्यतन विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करें। इससे प्रदेशभर में ब्लड स्टॉक की प्रभावी निगरानी और जरूरत के अनुसार रक्त उपलब्ध कराना आसान होगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी रक्तदान शिविरों में केवल राजकीय ब्लड सेंटर की रक्त संग्रहण टीम के माध्यम से ही रक्त संग्रह किया जाए, ताकि संबंधित क्षेत्र में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
अधिक रक्त डिस्कार्ड करने वाले ब्लड बैंकों पर होगी कार्रवाई
बैठक में ऐसे ब्लड बैंकों की भी समीक्षा की गई, जहां संग्रहित रक्त का अत्यधिक डिस्कार्ड किया जा रहा है। प्रमुख शासन सचिव ने ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मातृ मृत्यु मामलों की समीक्षा, पोषण और निगरानी पर जोर
बैठक के दौरान बीकानेर, उदयपुर, बांसवाड़ा, जनाना अस्पताल जयपुर, एमडीएम अस्पताल जोधपुर, श्रीगंगानगर तथा एसएमएस अस्पताल जयपुर में दर्ज मातृ मृत्यु के मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित चिकित्सकों के साथ उपचार व्यवस्था एवं प्रोटोकॉल पर चर्चा कर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गए।
आदिवासी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) को गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
खराब चिकित्सा उपकरणों की होगी तत्काल मरम्मत
प्रमुख शासन सचिव ने सभी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की सूची तैयार करने, खराब उपकरणों की तत्काल मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दवाइयों एवं आवश्यक उपभोग्य सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।
बरसात में जर्जर भवनों से सेवाएं हटाने के निर्देश
बरसात के मौसम को देखते हुए उन्होंने जर्जर भवनों में संचालित सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी डिलीवरी पॉइंट वाले अस्पतालों में आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध रखने पर जोर दिया, ताकि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सैन सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
