नई दिल्ली, 5 मई 2026
देश के 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव 2026 ने राजनीति की दिशा बदल दी है। इस बार लड़ाई सिर्फ पार्टियों की नहीं थी, बल्कि उन चुनिंदा सीटों की थी जिन पर पूरे देश की नजर टिकी हुई थी। इन्हीं “हॉट सीटों” ने तय किया कि किस राज्य में किसका दबदबा रहेगा और कौन सत्ता से बाहर होगा।
पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ा सियासी संदेश देखने को मिला, जहां Mamata Banerjee की पकड़ को कड़ी चुनौती मिली। कई अहम सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा और राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आए। खास तौर पर Suvendu Adhikari के साथ टक्कर ने चुनाव को हाई-वोल्टेज बना दिया।
असम में तस्वीर अलग रही, जहां Himanta Biswa Sarma ने अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया। यहां चुनाव ने दिखाया कि संगठन और रणनीति का सही तालमेल कैसे लगातार सफलता दिला सकता है।
तमिलनाडु में इस बार सबसे बड़ा राजनीतिक सरप्राइज देखने को मिला। फिल्म स्टार से नेता बने Joseph Vijay ने अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam के साथ ऐसी एंट्री की, जिसने पारंपरिक राजनीति को सीधी चुनौती दे दी। उनकी रणनीति और जनता से कनेक्ट ने चुनाव को पूरी तरह बदल दिया।
केरल में भी इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प रहा और सत्ता को लेकर माहौल बदला-बदला नजर आया। यहां जनता का रुझान बदलाव की तरफ झुकता दिखा, जिससे नई राजनीतिक दिशा बनने के संकेत मिले।
वहीं पुडुचेरी में भी छोटे लेकिन अहम मुकाबलों ने सरकार बनाने के समीकरण को प्रभावित किया। यहां हर सीट का असर सीधे सत्ता के संतुलन पर पड़ा।
पूरे चुनाव की सबसे खास बात यही रही कि यह सिर्फ बड़े नेताओं की लड़ाई नहीं थी, बल्कि हर सीट पर जनता ने अपने हिसाब से फैसला सुनाया। इन 25 हॉट सीटों ने यह साफ कर दिया कि अब राजनीति में कोई भी किला स्थायी नहीं है।
5 राज्यों की 25 हॉट सीटें, जिन पर टिकी रही देशभर की नजर
विधानसभा चुनाव 2026 में जिन 25 सीटों को सबसे ज्यादा चर्चा मिली, उनमें पश्चिम बंगाल की भवानीपुर, नंदीग्राम, खड़गपुर सदर, सिलीगुड़ी और बहारामपुर सीट शामिल रहीं। इन सीटों पर बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी रही और पूरे चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल गरमाया रहा।
असम में जलुकबाड़ी, दिसपुर, जोरहाट, शिवसागर और नगांव सीटें सबसे चर्चित रहीं। इन सीटों को असम की राजनीति की दिशा तय करने वाला माना गया और यहां के नतीजों पर खास नजर रखी गई।
तमिलनाडु में कोलाथुर, चेपॉक-त्रिप्लिकेन, कोयंबटूर साउथ, मदुरै सेंट्रल और तिरुपुर नॉर्थ सीटों ने चुनाव को दिलचस्प बनाया। इन सीटों पर मुकाबले और राजनीतिक हलचल ने पूरे राज्य की तस्वीर पर असर डाला।
केरल में धर्मडम, पलक्कड़, त्रिशूर, नेमम और कन्नूर सीटें सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं। इन सीटों पर मुकाबले को राज्य की राजनीति का अहम संकेत माना गया।
वहीं पुडुचेरी की नेल्लिथोपे, ओरलेयानपेट, मन्नाडीपेट, कराईकल नॉर्थ और राज भवन सीटें भी चुनावी चर्चा के केंद्र में रहीं। इन सीटों के नतीजों को पुडुचेरी की सत्ता के समीकरण से जोड़कर देखा गया।
इन 25 सीटों पर हुए मुकाबलों ने यह साबित कर दिया कि विधानसभा चुनाव 2026 में असली लड़ाई सिर्फ सरकार बनाने की नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व कायम रखने की भी थी।
