वर्ल्ड न्यूज़, 08 अप्रैल/ मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच दुनिया को बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर दो हफ्तों के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बन गई है। तय समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते का ऐलान किया, जिसके बाद इजरायल ने भी इस फैसले का समर्थन कर दिया।
पिछले कई दिनों से दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों और संभावित हमलों की खबरों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी थी। खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा था और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बड़े युद्ध की आशंका सताने लगी थी। ऐसे माहौल में यह युद्धविराम समझौता कूटनीतिक स्तर पर बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों ने अगले 14 दिनों तक किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई है। इस दौरान शांति वार्ता को आगे बढ़ाने और स्थायी समाधान तलाशने की कोशिश की जाएगी। कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि कई देशों की मध्यस्थता और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद यह समझौता संभव हो पाया।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना जरूरी है और बातचीत के जरिए समाधान निकालना ही सबसे बेहतर रास्ता है। उनके इस ऐलान के तुरंत बाद इजरायल की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए युद्धविराम जरूरी कदम है और कूटनीतिक प्रयासों को मौका दिया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष बढ़ता तो पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ सकता था। तेल की कीमतों में भारी उछाल, वैश्विक व्यापार पर असर और मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध की स्थिति बन सकती थी। फिलहाल युद्धविराम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों और राजनीतिक माहौल में राहत के संकेत देखने को मिल रहे हैं।
हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है। आने वाले दो हफ्ते बेहद अहम होंगे क्योंकि इसी दौरान तय होगा कि दोनों देश स्थायी शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ते हैं या फिर तनाव दोबारा बढ़ सकता है।
दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या यह युद्धविराम स्थायी शांति की शुरुआत बनेगा या केवल टकराव के बीच मिली थोड़ी राहत साबित होगा।
