जयपुर | 19 मार्च 2026/ प्रदेश में आने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आमजन को राहत देने के लिए बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने गर्मी के मौसम में प्रदेशभर में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जलदाय विभाग के सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।
सरकार ने पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य स्तर और प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जा सके।
पेयजल व्यवस्था के लिए करोड़ों की स्वीकृति
ग्रीष्मकाल 2026 को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सभी 41 जिलों के लिए वित्तीय स्वीकृतियां जारी की हैं।
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शहरी क्षेत्रों के लिए 55.88 करोड़ रुपए
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ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 154.83 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
जल परिवहन के लिए अलग बजट
1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक जरूरत पड़ने पर जल परिवहन व्यवस्था के लिए भी राशि मंजूर की गई है।
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शहरी क्षेत्र: 23 करोड़ रुपए
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ग्रामीण क्षेत्र: 82.37 करोड़ रुपए
श्रमिक और वाहन भी बढ़ाए जाएंगे
पेयजल आपूर्ति की निगरानी मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ी संख्या में श्रमिकों और किराये के वाहनों की स्वीकृति दी है।
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मार्च: 500 श्रमिक व 100 वाहन
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अप्रैल: 2000 श्रमिक व 400 वाहन
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मई से जुलाई: 2500 श्रमिक व 450 वाहन प्रतिमाह
कलेक्टरों को विशेष अधिकार
गर्मी में आकस्मिक पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रत्येक जिले के कलेक्टर को 1-1 करोड़ रुपए तक खर्च करने की अनुमति दी गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्य कराए जा सकेंगे।
जल जीवन मिशन को भी मजबूती
जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुकी ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन के लिए सभी जिलों को 25-25 लाख रुपए की अतिरिक्त स्वीकृति दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फील्ड अधिकारियों की मौके पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अवकाश पर रोक लगाई गई है और विशेष परिस्थितियों में ही उच्च स्तर की अनुमति से छुट्टी मिलेगी।
