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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर दी श्रद्धांजलि, साझा किया संस्कृत सुभाषितम्

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नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आजाद ने देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया और इसी कारण वे सदैव देशवासियों की स्मृति में अमर रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन हमें सिखाता है कि अन्याय के विरुद्ध अडिग रहना ही सच्चा पराक्रम है। मातृभूमि के लिए उनका त्याग और साहस आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

‘एक्स’ पर साझा किया संदेश

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद का बलिदान देश के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उन्होंने कहा कि आजाद का जीवन साहस, आत्मबल और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है।

संस्कृत सुभाषितम् से दिया प्रेरणा संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया—

“न हि शौर्यात्परं किञ्चित् त्रिषु लोकेषु विद्यते।
शूरः सर्वं पालयति सर्वं शूरे प्रतिष्ठितम् ।।”

अर्थ स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि तीनों लोकों में शौर्य से बढ़कर कुछ नहीं है। शौर्य ही वह शक्ति है जो समस्त जगत के संरक्षण, मर्यादा और समृद्धि का आधार बनती है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का अदम्य साहस और देशभक्ति हर पीढ़ी को अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देती है। उनका जीवन राष्ट्रप्रेम और आत्मसम्मान का प्रतीक है।

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