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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, त्रिची, कोझिकोड और अमृतसर हवाईअड्डे पर फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन – ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) का उद्घाटन किया

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नई दिल्ली / केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, त्रिची, कोझिकोड और अमृतसर हवाईअड्डे पर फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन – ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव और आसूचना ब्यूरो के निदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस सुविधा से न सिर्फ प्रवासियों की सुविधा बढ़ेगी बल्कि हमें देश में होने वाले परिवर्तनों से उनका परिचय कराने का भी मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वप्न – स्पीड, स्केल और स्कोप – को इस प्रोग्राम में समाहित कर प्रवासियों की सुविधा को बढ़ाने के प्रयास का अगला चरण आज से शुरू हो रहा है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने हमेशा इस बात पर बल दिया है कि तकनीकी टूल्स के साथ-साथ हमें एक ट्रस्ट मल्टीप्लायर का काम भी करना चाहिए और आज का कार्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अमित शाह ने कहा कि फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन – ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) के साथ आज से हवाईअड्डों पर सीमलैस इमीग्रेशन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ सुविधा देने से हमारा उद्देश्य पूरा नहीं होगा बल्कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि अधिक से अधिक यात्रियों को इसका फायदा मिले। इसके लिए पासपोर्ट और OCI कार्ड जारी करते समय ही हमें रजिस्ट्रेशन करने की संभावना पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर हम ऐसा कर सकते हैं तो यात्रियों को दोबारा फिंगरप्रिंट और दस्तावेज़ों के लिए आने की ज़रूरत नहीं रहेगी और वे जब भी यात्रा करना चाहें तो पासपोर्ट का उपयोग कर जा सकेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि इस बारे में सभी तकनीकी संभावनाओं को तलाश कर हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अधिकतम लोगों को इसका फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय नागरिकों के साथ-साथ ओसीआई कार्डधारकों को भी फायदा होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन – ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) सुविधा और राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने वाला कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि 2024 में दिल्ली से इस प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ और उसके बाद मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, कोचीन और अहमदाबाद हवाईअड्डे इसमें शामिल हुए और आज 5 नए हवाई अड्डे इसमें जुड़ रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि इस प्रकार कुल 13 हवाईअड्डों पर एकसाथ यह प्रक्रिया सुविधा शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई और जेवर हवाईअड्डे बनने के साथ ही इस प्रोग्राम के साथ जोड़ने की योजना गृह मंत्रालय ने बनाई है। श्री शाह ने कहा कि अभी तक जितने लोगों ने इस सुविधा का उपयोग किया है उन्होंने इसकी प्रशंसा की है। अब यात्रियों को लंबी लाइन, मैनुअल चेकिंग और बिना देरी के मात्र 30 सेकंड्स में इमीग्रेशन क्लीयरेंस मिल जाता है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 3 लाख यात्रियों ने इस पोर्टल पर पंजीकरण किया है, जिनमें से 2 लाख 65 हज़ार यात्रियों ने यात्रा के समय इसका उपयोग किया है और हमें इस संख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी के प्रयास करने चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से पिछले 11 साल में हमारे इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रैफिक में बहुत वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 2014 में विदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या 3 करोड़ 54 लाख थी जो 2024 लगभग 73 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6 करोड़ 12 लाख हो गई। इसी प्रकार, भारत आने वाले विदेशी यात्रियों की संख्या 2014 में 1 करोड़ 53 लाख थी जो 2024 में लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2024 में लगभग 2 करोड़ हो गई। उन्होंने कहा कि दोनों आंकड़े मिलाकर देखें तो 2014 के कुल 5 करोड़ 07 लाख यात्रियों के मुकाबले 2024 में कुल 8 करोड़ 12 लाख यात्री या तो विदेश से आए हैं या विदेश गए हैं, जो कुल 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। श्री शाह ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि सभी भारतीय नागरिक और ओसीआई कार्डहोल्डर इस सुविधा का फायदा उठाएं।

FTI- TTP को एक ऑनलाइन पोर्टल https://ftittp.mha.gov.in के माध्यम से लागू किया गया है। इस कार्यक्रम में नामांकन के लिए आवेदक को अपने विवरण भरकर और आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड कर पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। पंजीकृत आवेदकों का बायोमेट्रिक विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) या हवाई अड्डे से गुजरते समय लिया जाता है। पंजीकृत यात्री को एयरलाइंस द्वारा जारी किए गए अपने बोर्डिंग पास को ई-गेट पर स्कैन करना होता है और फिर अपने पासपोर्ट को स्कैन करना होता है। आगमन और प्रस्थान स्थल पर लगे e-Gates पर यात्री के बायोमेट्रिक को प्रमाणित किया जाता है। इस प्रमाणीकरण पर ई-गेट अपने आप खुल जाता है और अप्रवासन स्वीकृति मिल जाती है।

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