NCR SANDES / जयपुर। नागौर जिला प्रशासन विगत दिनों में हुई बारिश के चलते बने हालातों को लेकर बेहद गंभीर है। जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने सभी विभागीय अधिकारियों को जिले में वर्षाजनित परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया है। कलक्टर ने शहर में जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में टीमों का गठन किया है जो लगातार कार्य कर रहीं हैं
उपखण्ड अधिकारी व आयुक्त नगरपरिषद गोविंद सिंह भींचर ने बताया पूरे जिले में 75 एचपी, 50 एचपी, 30 एचपी व 25 एचपी के पम्प सेटों के माध्यम से अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकाला जा रहा है। विशेष परिस्थितियों को देखते हुए ये पंप सेट जोधपुर, पाली, मातासुख खदानों से मंगवाए गए हैं । नगर परिषद, नगर पालिका एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग की सभी टीम चौबीसों घंटे कार्य कर रही हैं जिससे संभवत बुधवार शाम तक जल निकासी का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा ।
सीएमएचओ जुगल किशोर सैनी ने बताया कि जलभराव क्षेत्र में मौसम जनित बीमारियों के बचाव के लिए 20 से अधिक टीम एण्टी लार्वा दवा का छिड़काव कर रही हैं, टीमें लगातार शेल्टर होम में जाकर प्रभावित आमजन के स्वास्थ्य का परीक्षण कर आवश्यकता दवा वितरण कर रही हैं।
जिला रसद अधिकारी अंकित पचार ने बताया कि सहायता अनुभाग के साथ मिल कर हमारी टीम शेल्टर होम में लोगों को भोजन और पेयजल की व्यवस्था कर रही है। 24 अगस्त से अब तक लगभग छः हजार से अधिक भोजन पैकेट का वितरण किया गया है। टाउनहॉल, विधि महाविद्यालय, खत्रीपुरा स्कूल, रेलवे स्टेशन रेन बसेरा ,खटीक छात्रावास सहित सभी शेल्टर स्थानों में टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।
मंगलवार को जिला कलक्टर पुरोहित ने नकाश गेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस स्थिति को निपटने में सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जाए।
