जयपुर, 25 फरवरी 2026।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से जुड़ी आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए विभागीय मुख्यालय पर शीघ्र ही ‘हेल्प डेस्क (समाधान कक्ष)’ की स्थापना की जाएगी। यह पहल विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यह निर्णय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा के निर्देश पर लिया गया है।
अधिकारियों को दिया गया तकनीकी प्रशिक्षण
बुधवार को अंबेडकर भवन में विभाग की समस्त शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों को समाधान कक्ष की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में समस्या दर्ज करने की प्रक्रिया, मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑनलाइन ट्रैकिंग और समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी गई।
डिजिटल सिस्टम से होगी ऑनलाइन निगरानी
निदेशक आशीष मोदी ने बताया कि इस प्रकार का नवाचार पूर्व में माध्यमिक शिक्षा विभाग में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है, जिससे विभागीय कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ था। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय विभाग में भी इस पहल से लाभार्थियों को तय समय-सीमा में समाधान उपलब्ध कराया जा सकेगा।
संयुक्त निदेशक (आईटी) गौरव शर्मा ने समाधान कक्ष के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायतों की ऑनलाइन एंट्री, निगरानी और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
हर प्रकरण का होगा समयबद्ध निस्तारण
संयुक्त निदेशक (आईटी) सामाजिक न्याय अमर सिंह मीणा ने बताया कि समाधान कक्ष में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। साथ ही, नियमित मॉनिटरिंग और फीडबैक प्रणाली के जरिए व्यवस्था की प्रभावशीलता का मूल्यांकन भी किया जाएगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगा बढ़ावा
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि ‘समाधान कक्ष’ की स्थापना से योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को राहत मिलेगी और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं समस्त शाखाओं के कार्मिक उपस्थित रहे।
