अलवर, 07 फरवरी । शहर के समीप स्थित रामसर साइट सिलिसेढ़ झील में आज बर्ड फेस्टिवल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा ने की।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बर्ड फेस्टिवल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि सिलिसेढ़ झील जैसे जलाशय विदेशी पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल हैं, जो अलवर जिले की प्राकृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और बच्चों ने दूरबीन की सहायता से विभिन्न प्रजातियों के विदेशी पक्षियों को नजदीक से देखा। हर साल सर्दियों के मौसम में ये पक्षी दूर-दराज देशों से उड़ान भरकर अलवर जिले की झीलों में पहुंचते हैं, जिससे यह क्षेत्र पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है।

वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बर्ड फेस्टिवल जैसे कार्यक्रमों से पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
बर्ड फेस्टिवल के आयोजन से न केवल अलवर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है, बल्कि लोगों में प्रकृति और पक्षियों के संरक्षण को लेकर सकारात्मक संदेश भी गया है।
सरिस्का बाघ परियोजना के वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय निदेशक संग्राम सिंह कटियार, उपवन संरक्षक अभिमन्यु सहारण, एसपी सुधीर चौधरी, रेंजर शंकर सिंह शेखावत सहित वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर अनील गाबा, भाजपा युवा नेता सौरभ कालरा, यशोधन पाराशर, श्रीकृष्ण गुप्ता एवं स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
