जयपुर, 09 MARCH ।CM Bhajanlal Sharma के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक वृक्षों की सुरक्षा के लिए गंभीर कदम उठा रही है। खेजड़ी सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रजातियों के वृक्षों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए राज्य सरकार जल्द ही कठोर कानून लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ‘वृक्ष संरक्षण विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
समिति की पहली बैठक सोमवार सुबह Jogaram Patel की अध्यक्षता में उनके आवास पर आयोजित हुई। बैठक में Hemant Meena और Sanjay Sharma सहित विधि विभाग के प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग के शासन सचिव और विधि विशेषज्ञ मौजूद रहे।
बैठक के दौरान वृक्षों के संरक्षण के लिए मजबूत और प्रभावी कानून बनाने को लेकर विभिन्न राज्यों में लागू वृक्ष संरक्षण कानूनों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया। साथ ही प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अंतिम रूप देने से पहले संबंधित विभागों, विधि विशेषज्ञों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के सुझावों पर विचार किया जाएगा।
समिति की अगली बैठक 11 मार्च को आयोजित की जाएगी, जिसमें विधेयक के मसौदे को और आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में केवल कृषि भूमि पर पेड़ों की कटाई की अनुमति और अवैध कटाई पर जुर्माने का प्रावधान काश्तकारी कानून में है। प्रस्तावित नए कानून के तहत आवंटित, रूपांतरित, अधिग्रहित और आबादी भूमि सहित सभी गैर-कृषि उपयोग वाली भूमियों पर भी वृक्षों के संरक्षण के लिए सख्त प्रावधान किए जाएंगे।
नए कानून के लागू होने के बाद ऐसी भूमियों पर प्राधिकृत अधिकारी की अनुमति के बिना पेड़ों की कटाई संभव नहीं होगी और केवल न्यूनतम आवश्यक पेड़ों को हटाने की ही अनुमति दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाना और पारंपरिक वृक्षों, विशेष रूप से खेजड़ी, की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
